Lucknow में दीवारों पर उतरी यूपी की नई तस्वीर, ‘रंग दे बसंती’ अभियान के जरिए विकास की कहानी कह रहे युवा कलाकार

Lucknow/UP: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में युवा कलाकारों ने अपनी कला के जरिए राज्य में आए बदलावों को दीवारों पर उतारा है। ‘रंग दे बसंती’ अभियान के तहत शहर की दीवारों पर ग्राफिटी बनाई गई है, जिसमें 2017 से प

Lucknow/UP: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में युवा कलाकारों ने अपनी कला के जरिए राज्य में आए बदलावों को दीवारों पर उतारा है। ‘रंग दे बसंती’ अभियान के तहत शहर की दीवारों पर ग्राफिटी बनाई गई है, जिसमें 2017 से पहले के हालात और अब के विकास की तुलना की गई है। इस पहल का मकसद डर के माहौल को खत्म कर रचनात्मकता को बढ़ावा देना है।

यह पूरा अभियान 11 अगस्त से 14 अगस्त 2026 तक यूपी के कई शहरों में चलाया जा रहा है। 12 अगस्त को लखनऊ यूनिवर्सिटी के पास कलाकारों ने लाइव म्यूरल्स बनाए। इन चित्रों में दिखाया गया कि कैसे पहले के कथित माफिया राज की जगह अब मेट्रो, बेहतर सड़कें, सुरक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर ने ले ली है। इस अभियान का मुख्य संदेश ‘बंदूक की जगह ब्रश और डर की जगह संवाद’ रखा गया है।

इस कार्यक्रम का आयोजन ‘रंग दे बसंती’ नामक युवा संगठन द्वारा किया गया है, जिसके समन्वयक विश्वदीप शुक्ला और डॉ. विनम्र सेन सिंह हैं। लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्र रंजीत और मनीष सरोज जैसे कई युवा कलाकारों ने इसमें हिस्सा लिया। अभियान की शुरुआत 11 अगस्त को प्रयागराज में एक काव्य विरोध के साथ हुई थी।

अगले चरणों की बात करें तो 13 अगस्त को यह अभियान मुजफ्फरनगर पहुंचेगा, जहां सांप्रदायिक सद्भाव के लिए कॉमिक वितरण और संवाद कार्यक्रम होगा। इस पूरे अभियान का समापन 14 अगस्त को ‘डर से आजादी’ गाने के लॉन्च के साथ होगा, जिसमें रैप, संगीत और डिजिटल आर्ट का इस्तेमाल किया जाएगा। सोशल मीडिया पर इस अभियान को #RangDeBasanti और #WohDarBhoolnaNahi हैशटैग के साथ शेयर किया जा रहा है।