UP: लखनऊ के रजनी खंड सेक्टर-8 में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोग काफी नाराज हैं। लोगों का कहना है कि सड़क की लेयरिंग इतनी पतली है कि हल्का सा दबाव पड़ने या ईंट मारने पर ही वह उखड़ रही है। आरोप है कि यह सड़क
UP: लखनऊ के रजनी खंड सेक्टर-8 में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोग काफी नाराज हैं। लोगों का कहना है कि सड़क की लेयरिंग इतनी पतली है कि हल्का सा दबाव पड़ने या ईंट मारने पर ही वह उखड़ रही है। आरोप है कि यह सड़क विधायक Rajेश्वर Singh की पैरवी से बनी है, लेकिन गाड़ी चलते ही यह टूटने लगी है।
सड़क की हालत और लोगों की परेशानी क्या है?
स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क बनाने में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है। सड़क की ऊपरी परत बहुत कमजोर है, जिससे निर्माण के तुरंत बाद ही दरारें आने लगी हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी सड़कें आम जनता के लिए खतरनाक हैं और इससे गाड़ियों के खराब होने का डर बना रहता है।
लखनऊ और आसपास अन्य इलाकों में भी ऐसी शिकायतें
सड़क निर्माण की खराब क्वालिटी का मामला सिर्फ रजनी खंड तक सीमित नहीं है। हाल ही में रायबरेली के महाराजगंज में 15 लाख की सड़क में भ्रष्टाचार का आरोप लगा था, वहीं लखनऊ की पंचवटी कॉलोनी में 1 करोड़ की लागत से बनी सड़क 15 दिनों में ही उखड़ गई थी। इसके अलावा गोमतीनगर एक्सटेंशन सेक्टर-7 में भी गड्ढों की वजह से 50 हजार की आबादी परेशान है।
सरकार और कोर्ट ने क्या निर्देश दिए हैं?
सड़कों की खराब हालत को देखते हुए Supreme Court कमेटी ऑन रोड सेफ्टी ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि गड्ढों और जलभराव वाले क्षेत्रों की तुरंत मरम्मत की जाए। निर्देशों में कहा गया है कि IRC मानकों के अनुसार ही सड़कें बनें और किसी भी खतरे की सूचना मिलने के 48 घंटे के भीतर कार्रवाई हो। वहीं, लखनऊ में मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के तहत तीन नई आदर्श सड़कों के लिए 150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रजनी खंड सेक्टर-8 की सड़क में क्या समस्या है?
यहाँ सड़क की लेयरिंग बहुत पतली है, जिसके कारण हाथ से या हल्की ईंट मारने पर ही सड़क उखड़ रही है और गाड़ियां चलाने पर टूट रही है।
सड़क निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट कमेटी ने क्या आदेश दिए हैं?
समिति ने सभी राज्यों को गड्ढों की तत्काल मरम्मत करने और IRC मानकों का पालन करने का निर्देश दिया है, साथ ही दो महीने में रिपोर्ट मांगी है।