UP: लखनऊ के सांसद और रक्षा मंत्री Rajnath Singh से बुद्धेश्वर इलाके के लोगों ने मुलाकात कर अपनी समस्याएं साझा कीं। नागरिकों ने शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण से होने वाली परेशानी को प्रमुखता से उठा
UP: लखनऊ के सांसद और रक्षा मंत्री Rajnath Singh से बुद्धेश्वर इलाके के लोगों ने मुलाकात कर अपनी समस्याएं साझा कीं। नागरिकों ने शहर में बढ़ते ट्रैफिक जाम और सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण से होने वाली परेशानी को प्रमुखता से उठाया। लोगों ने मांग की कि चौक से दुबग्गा क्रॉसिंग तक लगने वाले जाम का कोई स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि आम जनता को रोजाना की भागदौड़ में राहत मिल सके।
स्टेशन और वार्ड के नाम बदलने की क्या है मांग
बुद्धेश्वर के निवासियों ने आलमनगर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर ‘बुद्धेश्वर स्टेशन’ और हैदरगंज वार्ड का नाम बदलकर ‘बुद्धेश्वर वार्ड’ करने की मांग रखी है। इस संबंध में कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां नीचे दी गई हैं:
- सांसद कौशल किशोर ने 2020 में रेल मंत्री को स्टेशन का नाम बदलने के लिए पत्र लिखा था।
- Rajnath Singh ने भी पहले इस बदलाव का समर्थन किया था और कहा था कि इसे जल्द बुद्धेश्वर धाम स्टेशन के नाम से जाना जाएगा।
- लखनऊ नगर निगम की कार्यकारी समिति ने 2021 में हैदरगंज वार्ड का नाम बुद्धेश्वरनगर करने का फैसला लिया था।
ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण की समस्या
स्थानीय लोगों ने बताया कि पारा और राजाजीपुरम जैसे इलाकों में अतिक्रमण की वजह से सड़कों पर जगह कम बची है, जिससे ट्रैफिक की समस्या और बढ़ गई है। राजनाथ सिंह ने पहले भी शहर के जाम को अपनी प्राथमिकता बताया था। उन्होंने चारबाग स्टेशन पर भीड़ कम करने के लिए आलमनगर को एक सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित करने की बात कही थी ताकि यात्रियों और स्थानीय लोगों को आसानी हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
आलमनगर रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग क्यों हो रही है
स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन इसे बाबा बुद्धेश्वर धाम के नाम से जोड़ना चाहते हैं। इसके लिए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया है और रेलवे बोर्ड की प्रक्रिया जारी है।
हैदरगंज वार्ड के नाम को लेकर क्या निर्णय लिया गया था
लखनऊ नगर निगम (LMC) की कार्यकारी समिति ने 30 सितंबर 2021 की बैठक में हैदरगंज वार्ड का नाम बदलकर बुद्धेश्वरनगर करने का निर्णय लिया था।