Lucknow में बारिश से बिजली संकट, कई गांवों में घंटों गुल रही बत्ती; खंभे गिरने से औद्योगिक क्षेत्र भी प्रभावित
Lucknow : लखनऊ में गुरुवार को हुई भारी बारिश ने आम जनजीवन को काफी प्रभावित किया है। शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी बिजली की भारी किल्लत देखी गई। बारिश और तेज हवाओं की वजह से कई जगहों पर बिजली के खंभे और पेड़ गिर गए
Lucknow : लखनऊ में गुरुवार को हुई भारी बारिश ने आम जनजीवन को काफी प्रभावित किया है। शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी बिजली की भारी किल्लत देखी गई। बारिश और तेज हवाओं की वजह से कई जगहों पर बिजली के खंभे और पेड़ गिर गए, जिससे विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
बंथरा-बिजनौर मार्ग पर मां जसजीत कौर आश्रम के पास बुधवार रात मिट्टी धंसने से 11 हजार केवी लाइन के सात खंभे गिर गए। इस हादसे की वजह से औद्योगिक क्षेत्र द्वितीय से जुड़े वेयरहाउसों की बिजली कट गई। वहीं, समेसी विद्युत उपकेंद्र के बहरौली फीडर से जुड़े चार गांवों—बजगहिया, मुकुंदखेड़ा, सिरौना और मिहीलाल खेड़ा में गुरुवार सुबह करीब 6 बजे एक सूखा शीशम का पेड़ हाईटेंशन लाइन पर गिर गया। इस वजह से इन गांवों में करीब 6 घंटे तक अंधेरा रहा। बंथरा फीडर से जुड़े इलाकों में भी दिनभर बिजली की आवाजाही बनी रही।
नादरगंज उपखंड अधिकारी आरसी यादव ने बताया कि लाइन ठीक करने का काम तेजी से किया गया और देर शाम तक बिजली बहाल करने की कोशिश की गई। विद्युत विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत का काम पूरा किया और प्रभावित गांवों की बिजली चालू कर दी।
भविष्य में ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। एमडी संदीप भागिया के अनुसार, 2500 करोड़ रुपये खर्च कर 2031 तक लखनऊ को कटौती मुक्त बनाने का लक्ष्य है। इस योजना का मकसद पावर कट, ट्रिपिंग और ट्रांसफार्मर फुंकने जैसी दिक्कतों को खत्म करना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि भारी बारिश या आकाशीय बिजली से हुए नुकसान का 24 घंटे के भीतर आकलन कर मुआवजा दिया जाए। उन्होंने बिजली नेटवर्क को मजबूत करने और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है। अपर मुख्य सचिव ऊर्जा डॉ. आशीष कुमार गोयल ने भी कहा कि उपभोक्ताओं की समस्याओं का समय पर समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है।
मौसम विभाग (IMD) ने 7 अगस्त को लखनऊ और आसपास के इलाकों में भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और पेड़ गिरने की संभावना है। इसके अलावा, पावर कॉरपोरेशन ने 1 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं के लिए सभी विभागीय कार्यालयों पर विशेष कैंप लगाने के आदेश दिए हैं।