Lucknow में रेलवे की जमीन पर चला बुलडोजर, 200 से ज्यादा दुकानें और मकान ध्वस्त

Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को रेलवे प्रशासन ने सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मवैया रेलवे क्रॉसिंग और उसके आसपास के इलाकों में चलाए गए इस अभियान में 200 से अधिक अस्

Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को रेलवे प्रशासन ने सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मवैया रेलवे क्रॉसिंग और उसके आसपास के इलाकों में चलाए गए इस अभियान में 200 से अधिक अस्थायी और पक्की दुकानों और मकानों को बुलडोजर से ढहा दिया गया।

यह पूरा अभियान 15 जुलाई 2026 को सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ। कार्रवाई मुख्य रूप से मवैया रेलवे क्रॉसिंग (मिल रोड) के पास तिवारी होटल के पास स्थित नालों और रेलवे की जमीन पर केंद्रित थी। इसके बाद ब्रिज के नीचे, मछली मंडी और रेलवे क्रॉसिंग के आसपास के अवैध निर्माणों को हटाया गया। दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्रवाई में करीब 400 दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया है।

रेलवे प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई रेलवे संपत्ति (गैर-कानूनी कब्जा) अधिनियम, 1966 के तहत की गई है। अधिकारियों का कहना है कि अतिक्रमणकारियों को पहले कई बार नोटिस दिए गए थे, लेकिन समय सीमा खत्म होने के बाद भी उन्होंने निर्माण नहीं हटाया। हालांकि, ऋषभ गुप्ता, अनंत देव और ऋषि जैसे कुछ प्रभावित दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उन्हें इस कार्रवाई से पहले कोई सूचना या नोटिस नहीं मिला था।

इस अभियान की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

विवरण जानकारी
तारीख 15 जुलाई 2026
मुख्य क्षेत्र मवैया क्रॉसिंग, तिवारी होटल, मछली मंडी, आलमबाग थाना क्षेत्र
ध्वस्त निर्माण 200 से अधिक (कुछ रिपोर्ट में 400 दुकानें)
कानूनी आधार रेलवे संपत्ति (गैर-कानूनी कब्जा) अधिनियम, 1966
शामिल विभाग रेलवे प्रशासन, RPF, GRP, स्थानीय पुलिस और नगर निगम
निगरानी पूरी कार्रवाई की RPF द्वारा वीडियोग्राफी कराई गई

सुरक्षा के लिहाज से मौके पर भारी संख्या में RPF, GRP और स्थानीय पुलिस बल तैनात रहा ताकि कोई हंगामा न हो। एक RTI से यह भी पता चला है कि मार्च 2025 तक 1068.54 हेक्टेयर रेलवे जमीन पर कब्जा था और पिछले पांच वर्षों में अतिक्रमण में 32% की बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले 13 जुलाई 2026 को नगर निगम ने मेडिकल कॉलेज चौराहे से कन्वेंशन सेंटर तक सड़क किनारे अवैध ठेलों को हटाने का अभियान चलाया था।