UP : लखनऊ के ऐशबाग पॉलीक्लीनिक में पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल द्वारा रेलकर्मियों के लिए आग से बचाव की एक खास ट्रेनिंग आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद कर्मचारियों को आग जैसी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार करना था
UP : लखनऊ के ऐशबाग पॉलीक्लीनिक में पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल द्वारा रेलकर्मियों के लिए आग से बचाव की एक खास ट्रेनिंग आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद कर्मचारियों को आग जैसी आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार करना था ताकि किसी भी हादसे को समय रहते रोका जा सके। DRM Gaurav Agrawal के मार्गदर्शन में हुए इस सत्र में सुरक्षा उपकरणों के सही इस्तेमाल पर जोर दिया गया।
ट्रेनिंग में क्या सिखाया गया और कौन रहे शामिल
इस ट्रेनिंग के दौरान CDO ऐशबाग प्रदीप कुमार सिंह ने फायर एक्सटिंगुइशर (अग्निशामक यंत्र) को सुरक्षित तरीके से चलाने की जानकारी दी। अपर मंडल चिकित्सा अधीक्षक संजय तिवारी ने आग लगने के कारणों और उससे बचने के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी रंजना पाटनी और डेंटल सर्जन रुचिका समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे। जनसंपर्क अधिकारी महेश गुप्ता ने बताया कि आपात स्थिति में सूझबूझ और तुरंत कार्रवाई करना बहुत जरूरी है।
रेलवे ट्रैक के पास आग लगाने वालों पर होगी सख्ती
लखनऊ के साथ-साथ बिहार के कई हिस्सों में भी रेलवे ने आग से बचाव के लिए अभियान शुरू किया है। पटरी के किनारे पराली या अन्य ज्वलनशील सामान जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान मुख्य रूप से निम्नलिखित सेक्शन में चलाया जा रहा है:
| प्रभावित सेक्शन (बिहार) |
मुख्य उद्देश्य |
| छपरा-सीवान |
जन जागरूकता फैलाना |
| छपरा-बलिया |
आग से होने वाले हादसों को रोकना |
| छपरा-थावे |
किसानों और निवासियों को शिक्षित करना |
| छपरा-सोनपुर |
सख्त कानूनी कार्रवाई करना |
वाराणसी के डीआरओ अशोक कुमार ने कहा कि छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेन में कोई भी विस्फोटक या ज्वलनशील सामान न ले जाएं। कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी आग की घटना की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को दें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रेलवे ने ट्रैक के पास आग लगाने वालों के लिए क्या नियम बनाए हैं?
रेलवे ने छपरा-सीवान और छपरा-बलिया जैसे सेक्शन में पराली या ज्वलनशील सामान जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसका उद्देश्य रेल यात्रा को सुरक्षित बनाना और हादसों को रोकना है।
लखनऊ में रेलकर्मियों की ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस ट्रेनिंग का उद्देश्य रेलकर्मियों को फायर एक्सटिंगुइशर के इस्तेमाल और आग लगने पर तुरंत कार्रवाई करने का तरीका सिखाना था ताकि आपात स्थिति में जान-माल का नुकसान न हो।