Lucknow में फर्जी बैनामा करने वाले 3 प्रॉपर्टी डीलर गिरफ्तार, महिला से ठगे थे करीब 10 लाख रुपये
Lucknow: राजधानी के मोहनलालगंज इलाके में जमीन की रजिस्ट्री के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले तीन प्रॉपर्टी डीलरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक महिला को अपना शिकार बनाया और उससे करीब 9.9
Lucknow: राजधानी के मोहनलालगंज इलाके में जमीन की रजिस्ट्री के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले तीन प्रॉपर्टी डीलरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर एक महिला को अपना शिकार बनाया और उससे करीब 9.91 लाख रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने मामले का खुलासा तब किया जब ठगी का पता चला और आरोपियों की धरपकड़ की गई।
पुलिस के मुताबिक, इन प्रॉपर्टी डीलरों ने कूटरचित यानी नकली कागजात बनाए थे। उन्होंने खुद को जमीन का असली मालिक बताकर महिला को विश्वास में लिया और जमीन का बैनामा करने के नाम पर लाखों रुपये ले लिए। जब महिला को धोखाधड़ी का एहसास हुआ, तो उसने पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद मोहनलालगंज पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार अब कड़े कदम उठा रही है। 20 जून 2026 को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग ने बड़े सुधारों का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत पंजीकरण अधिनियम, 1908 में नई धाराएं (22-ए, 22-बी और 35-ए) जोड़ी जाएंगी, जिससे संपत्ति के मालिक और उसके अधिकारों की जांच करना अनिवार्य हो जाएगा।
सरकार अब सभी ग्रामीण और शहरी संपत्तियों के लिए एक खास ‘भू-आधार’ (संपत्ति आईडी) विकसित करने जा रही है। इसे GIS मैपिंग और सरकारी रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा, ताकि कोई भी व्यक्ति एक क्लिक पर जमीन की सही जानकारी और उसके असली मालिक का पता लगा सके। साथ ही, रजिस्ट्री के साथ ही नामांतरण (म्यूटेशन) की प्रक्रिया को ऑटोमैटिक करने की योजना है, जिससे रिकॉर्ड तुरंत अपडेट हो जाएंगे और फर्जीवाड़े की गुंजाइश कम होगी।