UP : लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में अब जमीन खरीदना और उसकी रजिस्ट्री कराना महंगा हो गया है। जिला प्रशासन ने गुरुवार, 4 जून 2026 से संशोधित सर्किल रेट लागू कर दिए हैं। इस बदलाव से शहर के आसपास के 332 गांवों में जमीन की कीमतों
UP : लखनऊ के ग्रामीण इलाकों में अब जमीन खरीदना और उसकी रजिस्ट्री कराना महंगा हो गया है। जिला प्रशासन ने गुरुवार, 4 जून 2026 से संशोधित सर्किल रेट लागू कर दिए हैं। इस बदलाव से शहर के आसपास के 332 गांवों में जमीन की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे अब रजिस्ट्री के समय स्टाम्प ड्यूटी और फीस ज्यादा देनी होगी।
किन इलाकों में कितनी बढ़ी जमीन की कीमतें?
यह नई दरें मोहनलालगंज, सरोजनीनगर, बख्शी का तालाब, मलिहाबाद और सदर तहसील के कुल 332 गांवों में लागू हुई हैं। कृषि भूमि की दरों में 100% से लेकर 200% तक की बढ़ोतरी की गई है। प्रशासन ने जमीन को चार श्रेणियों में बांटा है, जिसमें मुख्य मार्ग के किनारे की जमीन सबसे महंगी होगी और सामान्य कृषि भूमि की दरें तुलनात्मक रूप से कम रहेंगी।
| गांव/क्षेत्र |
पुरानी दर (अनुमानित) |
नई दर (प्रति हेक्टेयर) |
| गौरा गांव |
₹37 लाख |
₹98 लाख |
| हुलासखेड़ा (मुख्य मार्ग) |
– |
₹98 लाख |
| जैतीखेड़ा |
– |
₹91 लाख |
| नौदाला और दयालपुर |
₹18 लाख |
₹40 लाख |
| सामान्य कृषि भूमि |
₹20 लाख |
₹35-40 लाख |
सर्किल रेट बढ़ाने का मुख्य कारण क्या है?
जिलाधिकारी विशाख जी के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है ताकि बाजार में चल रही कीमतों और सरकारी दरों के बीच के बड़े अंतर को खत्म किया जा सके। इसका सबसे बड़ा फायदा उन किसानों को होगा जिनकी जमीन लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिंक रोड के लिए अधिग्रहित की जाएगी, उन्हें अब बाजार के हिसाब से ज्यादा मुआवजा मिलेगा। साथ ही, इससे सरकारी राजस्व बढ़ेगा और जमीन की खरीद-बिक्री में होने वाली टैक्स चोरी पर रोक लगेगी।
रजिस्ट्री और आम आदमी पर क्या होगा असर?
सर्किल रेट बढ़ने का सीधा असर अब रजिस्ट्री की लागत पर पड़ेगा। जब भी कोई व्यक्ति जमीन खरीदेगा, तो उसे बढ़ी हुई दरों पर स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क देना होगा। एडीएम वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार सिंह ने बताया कि 3 जून तक आपत्तियों पर सुनवाई की गई थी, जिसमें कई लोगों ने तो दरों को और बढ़ाने की मांग भी की थी। अब 4 जून से यह पूरी प्रक्रिया प्रभावी हो चुकी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ के किन तहसीलों में नए सर्किल रेट लागू हुए हैं?
नए सर्किल रेट मोहनलालगंज (161 गांव), सरोजनीनगर (52 गांव), बख्शी का तालाब (95 गांव), मलिहाबाद (13 गांव) और सदर (6 गांव) तहसीलों के कुल 332 गांवों में लागू किए गए हैं।
क्या इससे जमीन के मुआवजे पर कोई असर पड़ेगा?
हाँ, सर्किल रेट बढ़ने से भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों को मिलने वाला मुआवजा बढ़ जाएगा, खासकर लिंक एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाओं के लिए।