Lucknow में प्रोफेसर ने काटी हाथ की नस, सहकर्मी ने स्टेटस देखकर पुलिस को दी सूचना, बची जान

Lucknow: लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार में एक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर ने पारिवारिक विवाद के चलते आत्महत्या की कोशिश की। डॉ. संजय खोलिया ने अपने मोबाइल पर सुसाइड स्टेटस लगाने के बाद बाएं हाथ की नस काट ली

Lucknow: लखनऊ के जानकीपुरम विस्तार में एक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर ने पारिवारिक विवाद के चलते आत्महत्या की कोशिश की। डॉ. संजय खोलिया ने अपने मोबाइल पर सुसाइड स्टेटस लगाने के बाद बाएं हाथ की नस काट ली थी। समय रहते उनके सहकर्मी ने स्टेटस देख लिया और पुलिस को खबर कर दी, जिससे उनकी जान बच गई।

घटना 18 जुलाई 2026 की है। डॉ. संजय खोलिया आरजीएस आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर, इटौंजा में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं और जयपुर के रहने वाले हैं। उनके कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर.के. मिश्रा ने जब मोबाइल पर सुसाइड स्टेटस देखा, तो तुरंत डायल 112 पर पुलिस को जानकारी दी। कंट्रोल रूम से दोपहर 12:15 बजे सूचना मिलने के बाद पीआरवी 7100 के सिपाही नवीन कुमार और होमगार्ड वीरेंद्र यादव करीब 10 मिनट में उनके घर पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें खून से लथपथ हालत में पाया और तुरंत जानकीपुरम ट्रामा सेंटर पहुंचाया, जहां से उन्हें केजीएमयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।

पुलिस को मौके से तीन पन्नों का एक सुसाइड नोट मिला है। इस नोट में डॉ. खोलिया ने अपनी शादी के तीन साल बाद से पत्नी के साथ चल रहे झगड़ों का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि उनकी पत्नी 9 नवंबर 2024 को बच्चे के जन्म के बाद मायके चली गई थीं और उन्हें बच्चे से मिलने नहीं दिया जा रहा था।

सुसाइड नोट के मुताबिक, जब भी वह बच्चे से मिलने ससुराल जाते थे, तो पत्नी और ससुराल वाले उन्हें रोकने की कोशिश करते थे और झूठे दहेज मामले में फंसाने की धमकी देते थे। उन्होंने यह भी बताया कि 12 जुलाई को जयपुर ससुराल जाने पर उनके साथ मारपीट के झूठे आरोप लगाकर उन्हें थाने में बंद करवा दिया गया था। बाद में पुलिस ने उन्हें छह महीने तक बच्चे से न मिलने की पाबंदी लगाकर छोड़ा था। डॉ. खोलिया ने नोट में लिखा कि वह इस मानसिक प्रताड़ना से बहुत दुखी थे और उनमें अब जीने की इच्छा खत्म हो गई थी।