Lucknow में प्रो. सुखवीर सिंघल की कला विरासत हुई डिजिटल, अब ऑनलाइन देख सकेंगे दुर्लभ पेंटिंग्स और दस्तावेज

Lucknow: लखनऊ के मशहूर कलाकार प्रो. सुखवीर सिंघल की कलाकृतियों को अब डिजिटल रूप में सहेज लिया गया है। उनकी 112वीं जयंती के मौके पर मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी में ‘सुखवीर सिंघल डिजि

Lucknow: लखनऊ के मशहूर कलाकार प्रो. सुखवीर सिंघल की कलाकृतियों को अब डिजिटल रूप में सहेज लिया गया है। उनकी 112वीं जयंती के मौके पर मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी में ‘सुखवीर सिंघल डिजिटल आर्काइव’ की शुरुआत की गई। इस पहल से उनकी दुर्लभ पेंटिंग्स और पुराने दस्तावेजों को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है ताकि छात्र और शोधकर्ता इनका आसानी से अध्ययन कर सकें।

प्रो. सुखवीर सिंघल (1914-2006) भारतीय वॉश पेंटिंग के बड़े कलाकार और दार्शनिक थे। उन्होंने साल 1938 में इलाहाबाद स्कूल ऑफ आर्ट की स्थापना की थी। उनके काम को दुनिया तक पहुँचाने के लिए सुखवीर सिंघल आर्ट फाउंडेशन ने यह डिजिटल आर्काइव तैयार किया है। फाउंडेशन की निदेशक प्रियंका चंद्रा ने अपने दादा की इस विरासत को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया है।

इस डिजिटल संग्रह में साल 1930 से 2026 तक के भारतीय कला इतिहास की झलक मिलती है। इसमें पेंटिंग्स के अलावा पुरानी पांडुलिपियाँ, प्रदर्शनी के कैटलॉग, तस्वीरें, पत्र और प्रेस रिकॉर्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं। इसका मकसद प्रो. सिंघल के जीवन और उनके कला दर्शन को आम जनता और विद्वानों के लिए सुलभ बनाना है।

इससे पहले 7 सितंबर 2025 को लखनऊ के राष्ट्रीय पुस्तक मेले में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रियंका चंद्रा द्वारा संकलित पुस्तक ‘एवोल्यूशन ऑफ आर्ट एंड आर्टिस्ट’ के पहले खंड का विमोचन किया था। साथ ही, मार्च 2022 में उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी और सुखवीर सिंघल आर्ट फाउंडेशन ने मिलकर उनकी एक बड़ी कला प्रदर्शनी भी आयोजित की थी, जिसका उद्घाटन उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया ने किया था।