UP: लखनऊ के आठ निजी स्कूलों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने और नियमों की अनदेखी करने के आरोप में इन स्कूलों पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह फैसला जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक
UP: लखनऊ के आठ निजी स्कूलों पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। मनमाने ढंग से फीस बढ़ाने और नियमों की अनदेखी करने के आरोप में इन स्कूलों पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह फैसला जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार (विशाख) ने की।
स्कूलों पर जुर्माना क्यों लगा और कौन करेगा सुनवाई
अभिभावकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में स्कूलों की मनमानी फीस के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। जांच में पाया गया कि इन स्कूलों ने शुल्क विनियमन अधिनियम का उल्लंघन किया है। अब किसी भी शिकायत के लिए अपर जिलाधिकारी (ADM) ज्योति गौतम और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को नोडल अधिकारी बनाया गया है, ताकि अभिभावकों की समस्याओं का जल्द निपटारा हो सके।
निजी स्कूलों के लिए क्या हैं नए कड़े नियम
- कोई भी स्कूल बिना ठोस आधार और जिला प्रशासन की जांच के फीस नहीं बढ़ा सकता।
- फीस का पूरा विवरण स्कूल की वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर लिखना जरूरी है।
- हर पेमेंट के बदले रसीद देना अनिवार्य है।
- डोनेशन या कैपिटेशन फीस लेना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
- किताबें और ड्रेस किसी खास दुकान से खरीदने का दबाव नहीं बनाया जा सकता।
- NCERT की किताबों से पढ़ाई कराना अनिवार्य है।
- यूनिफॉर्म में बदलाव हर 5 साल में एक बार ही किया जा सकता है।
नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों को बख्शा नहीं जाएगा। उल्लंघन करने पर पहले 1 लाख रुपये और फिर 5 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। अगर इसके बाद भी स्कूल अपनी मनमानी जारी रखते हैं, तो उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम 2018 और 2020 के संशोधित नियमों के तहत की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ के स्कूलों पर कितना जुर्माना लगा है?
मनमानी फीस बढ़ाने और नियमों के उल्लंघन के आरोप में 8 निजी स्कूलों पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
फीस से जुड़ी शिकायत कहाँ की जा सकती है?
अभिभावक अपनी शिकायतें जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में दर्ज करा सकते हैं, जहाँ ADM ज्योति गौतम और DIOS को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।