UP: लखनऊ में परिवहन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक प्राइवेट बस को सीज कर दिया है। यह बस यूपी रोडवेज की बसों जैसा रंग बनवाकर अवैध रूप से सवारी ढो रही थी। टेढ़ी पुलिया के पास चेकिंग के दौरान इस बस को पकड़ा गया, जो य
UP: लखनऊ में परिवहन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक प्राइवेट बस को सीज कर दिया है। यह बस यूपी रोडवेज की बसों जैसा रंग बनवाकर अवैध रूप से सवारी ढो रही थी। टेढ़ी पुलिया के पास चेकिंग के दौरान इस बस को पकड़ा गया, जो यात्रियों को धोखा देकर डग्गामारी कर रही थी।
कैसे पकड़ी गई यह फर्जी रोडवेज बस
यह पूरी कार्रवाई एआरटीओ एनफोर्समेंट Alok Kumar Yadav के नेतृत्व में की गई। यूपी रोडवेज के असिस्टेंट रीजनल मैनेजरों की शिकायत के बाद विभाग ने यह चेकिंग अभियान चलाया था। पकड़ी गई बस का नंबर UP 31 AT 4703 है, जो प्रयागराज में रजिस्टर्ड है और इसके मालिक का नाम Kamrul Hasan है। बस चलाते समय ड्राइवर Manoj मौजूद था।
दस्तावेजों में गड़बड़ी और भारी जुर्माना
जांच के दौरान पता चला कि बस के पास फिटनेस, परमिट और बीमा जैसे कागजात तो थे, लेकिन रंग के कॉलम में धोखाधड़ी की गई थी। कागजों में बस के कलर कोड की जगह सिर्फ अंडरस्कोर लिखा था। इस गड़बड़ी और अवैध संचालन के लिए विभाग ने बस पर 1.36 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और बस को सीज कर दिया।
मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश और कार्रवाई
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने 21 मई 2026 को ही अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि अवैध रूप से चलने वाले वाहनों और खराब बसों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरटीओ और एआरटीओ की जवाबदेही तय करने को कहा था ताकि सड़कों पर केवल फिट वाहन ही चलें। इसी मुहिम के तहत लखनऊ में यह कार्रवाई की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पकड़ी गई बस का नंबर क्या था और उस पर कितना जुर्माना लगा?
पकड़ी गई बस का रजिस्ट्रेशन नंबर UP 31 AT 4703 है। परिवहन विभाग ने इस बस पर 1.36 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और इसे सीज कर दिया।
परिवहन विभाग ने बस को क्यों पकड़ा?
यह बस यूपी रोडवेज के रंग में रंगी हुई थी ताकि यात्री इसे सरकारी बस समझकर इसमें बैठें। साथ ही बस के दस्तावेजों में कलर कोड की जानकारी गलत तरीके से भरी गई थी।