UP: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का गुरुवार को लखनऊ में अंतिम संस्कार किया गया। इस दुखद घड़ी में अखिलेश यादव अपनी भतीजी को संभालते नजर आए, जिसका एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर काफ
UP: समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का गुरुवार को लखनऊ में अंतिम संस्कार किया गया। इस दुखद घड़ी में अखिलेश यादव अपनी भतीजी को संभालते नजर आए, जिसका एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। परिवार के सदस्य और कई राजनीतिक हस्तियां इस मौके पर मौजूद रहीं।
प्रतीक यादव का निधन कैसे हुआ और अंतिम संस्कार कहां हुआ?
प्रतीक यादव का निधन बुधवार, 13 मई 2026 को लखनऊ में हुआ था। उनकी पत्नी अपर्णा यादव ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार गुरुवार, 14 मई को सुबह 11 बजे लखनऊ के बैकुंठ धाम (भैंसाकुंड) में किया गया। अंतिम संस्कार की रस्में अपर्णा यादव के पिता अरविंद सिंह बिष्ट ने पूरी कीं। पहले यह खबर आई थी कि संस्कार पिपराघाट पर होगा, लेकिन बाद में जगह बदलकर बैकुंठ धाम कर दी गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या कारण सामने आया?
मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतीक यादव की मौत का कारण ‘पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म’ बताया गया है। इसका मतलब है कि फेफड़ों की मुख्य नस में खून का थक्का जम गया था, जिसकी वजह से अचानक हृदय और फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में हृदय गति रुकने की पुष्टि की है। आगे की पूरी जांच के लिए विसरा और हृदय के कुछ हिस्सों को सुरक्षित रखा गया है।
अंतिम संस्कार में कौन-कौन शामिल हुआ?
इस मौके पर अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव, डिंपल यादव, धर्मेंद्र यादव और आदित्य यादव समेत परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रतीक यादव के घर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में अखिलेश यादव अपनी भतीजी को चॉकलेट देते और उसे संभालते हुए दिख रहे हैं, जिसे लोग काफी मार्मिक बता रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रतीक यादव की मृत्यु का मुख्य कारण क्या था?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मृत्यु का कारण ‘पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म’ था, जिसमें फेफड़ों की नस में खून का थक्का जमने से हृदय और फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया था।
प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार लखनऊ में कहां किया गया?
उनका अंतिम संस्कार गुरुवार, 14 मई 2026 को लखनऊ के गोमती नदी के किनारे स्थित बैकुंठ धाम (भैंसाकुंड) में किया गया।