UP: लखनऊ के सिविल अस्पताल में बुधवार सुबह प्रतीक यादव को मृत घोषित कर दिया गया था। अब उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है जिसमें कुछ चौंकाने वाली बातें पता चली हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनकी मौत फेफड़ों में खून के थक्के ज
UP: लखनऊ के सिविल अस्पताल में बुधवार सुबह प्रतीक यादव को मृत घोषित कर दिया गया था। अब उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है जिसमें कुछ चौंकाने वाली बातें पता चली हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनकी मौत फेफड़ों में खून के थक्के जमने की वजह से हुई, लेकिन शरीर पर कई चोटों के निशान मिलने से मामला उलझ गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या बातें सामने आईं
KGMU के चार डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि मौत की मुख्य वजह ‘मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म’ था, जिसका मतलब है कि फेफड़ों की धमनियों में बड़े खून के थक्के जम गए थे। इससे हृदय और श्वसन प्रणाली अचानक फेल हो गई और शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो गई। इसके अलावा, शरीर पर छह चोटों के निशान मिले हैं जो मृत्यु से पहले की हैं। ये चोटें छाती, हाथ, कोहनी और कलाई पर थीं, जिनमें से कुछ 5 से 7 दिन पुरानी और कुछ एक दिन पुरानी थीं।
जांच के लिए क्या कदम उठाए गए हैं
डॉक्टरों ने आगे की जांच के लिए हृदय और विसरा के नमूनों को सुरक्षित रखा है ताकि मौत के अन्य कारणों का पता लगाया जा सके। सिविल अस्पताल प्रशासन ने जहर दिए जाने की बात से इनकार किया है। लखनऊ पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस ने प्रतीक का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है और वह अपर्णा यादव के घर जाकर भी पूछताछ करेगी।
परिवार और डॉक्टरों ने क्या कहा
अखिलेश यादव ने इस घटना पर दुख जताया और कहा कि प्रतीक अपने काम में व्यस्त रहते थे, परिवार कानूनी प्रक्रिया का पालन करेगा। मेदांता अस्पताल की डॉ. रुचिता शर्मा के मुताबिक, प्रतीक यादव हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन का इलाज करा रहे थे और खून पतला करने वाली दवाएं ले रहे थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को लखनऊ के पिपरा घाट पर किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रतीक यादव की मौत का मुख्य कारण क्या बताया गया है?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मौत का कारण ‘मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म’ है, जिसमें फेफड़ों की धमनियों में खून के थक्के जमने से हृदय और श्वसन प्रणाली फेल हो गई थी।
क्या शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं?
हाँ, रिपोर्ट में शरीर पर छह ‘एंटी-मॉर्टम’ चोटों का जिक्र है। ये चोटें छाती के दाहिने हिस्से, दाहिने हाथ, कोहनी और बाईं कलाई पर मिली हैं, जिनमें से कुछ 5-7 दिन पुरानी थीं।