UP: लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे Prateek Yadav का 38 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। बुधवार, 13 मई 2026 की सुबह करीब 6 बजे उन्हें सिविल अस्पताल लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर द
UP: लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे Prateek Yadav का 38 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। बुधवार, 13 मई 2026 की सुबह करीब 6 बजे उन्हें सिविल अस्पताल लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वह पिछले कुछ समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे और उनका इलाज मेदांता अस्पताल में चल रहा था।
प्रतीक यादव को क्या बीमारी थी और इलाज कैसे चला
मेदांता अस्पताल की डॉ. रुचिता शर्मा ने बताया कि Prateek Yadav लंबे समय से हाई ब्लड प्रेशर और हाइपरटेंशन की समस्या से पीड़ित थे। हाल ही में उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म (फेफड़ों की धमनियों में खून के थक्के जमना) की शिकायत थी, जिसकी वजह से उनके दिल पर बुरा असर पड़ा और उन्हें सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी। वह 30 अप्रैल को भी गंभीर हालत में भर्ती हुए थे, लेकिन तीन दिन बाद बिना औपचारिक छुट्टी लिए घर लौट आए थे।
पोस्टमार्टम और जांच में क्या सामने आया
प्रतीक यादव के शव का पोस्टमार्टम KGMU में चार डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। मौत की असली वजह जानने के लिए डॉक्टरों ने उनके विसरा और हृदय को सुरक्षित रखा है। सिविल अस्पताल ने साफ किया है कि फिलहाल जहर दिए जाने की कोई आशंका नहीं है।
परिवार और राजनीतिक दिग्गजों की प्रतिक्रिया
इस दुखद खबर के बाद उनकी पत्नी अपर्णा यादव लखनऊ पहुंचीं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने पोस्टमार्टम हाउस जाकर उन्हें एक अच्छा इंसान बताया। वहीं उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी उनके आवास पर जाने की संभावना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
प्रतीक यादव की मृत्यु का मुख्य कारण क्या बताया जा रहा है?
डॉक्टरों के अनुसार वह हाई बीपी, हाइपरटेंशन और पल्मोनरी एम्बोलिज्म से पीड़ित थे। सटीक कारण के लिए विसरा और हृदय की जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम कहाँ और कैसे किया गया?
पोस्टमार्टम KGMU में चार डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी की निगरानी में किया गया, जिसमें कोई बाहरी चोट नहीं पाई गई।