Lucknow में तार चोरी से 4 गांवों में 28 घंटे रहा अंधेरा, टोल प्लाजा भी जनरेटर के भरोसे चला

Lucknow: राजधानी लखनऊ के चार गांवों में बिजली के तार चोरी होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तकनीकी खराबी के कारण जब बिजली गुल हुई, तो चोरों ने मौके का फायदा उठाकर खंभों के बीच के तार काट लिए। इस वजह से रे

Lucknow: राजधानी लखनऊ के चार गांवों में बिजली के तार चोरी होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तकनीकी खराबी के कारण जब बिजली गुल हुई, तो चोरों ने मौके का फायदा उठाकर खंभों के बीच के तार काट लिए। इस वजह से रेवरी, इंद्रवार, गहलवारा और आदमपुर गांवों में करीब 28 घंटे तक अंधेरा रहा और लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हुई।

यह पूरी घटना 14 जून 2026 की शाम 5 बजे शुरू हुई जब FCI उपकेंद्र के बड़ागांव फीडर की बिजली आपूर्ति अचानक रुक गई। अंधेरे का लाभ उठाकर चोरों ने तीन बिजली के खंभों के बीच के तार काट डाले। बिजली न होने से घरों के इन्वर्टर बंद हो गए और पीने के पानी की किल्लत हो गई। सोमवार सुबह 8 बजे नए तार लगाकर बिजली चालू तो की गई, लेकिन कुछ ही मिनटों बाद फिर से तकनीकी खराबी आने से सप्लाई ठप हो गई।

इस बिजली संकट का असर सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का टोल प्लाजा भी इससे प्रभावित हुआ। टोल प्लाजा को 28 घंटे तक जनरेटर के सहारे चलाना पड़ा, जिसमें काफी मात्रा में डीजल खर्च हुआ।

इस मामले में विभागीय अभियंता ने काकोरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। एसडीओ संदीप कुमार वर्मा ने बताया कि तकनीकी खराबी और तार चोरी दोनों वजहों से सप्लाई बाधित हुई और उनकी टीम मरम्मत के काम में जुटी है। वहीं, ग्राम पंचायत रेवरी के प्रधान प्रतिनिधि अरुण कुमार ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने बिजली विभाग के जेई को सूचना दी, तो उन्होंने मदद करने के बजाय गलत लहजे में बात की।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी रोकने के लिए सरकार काफी सख्ती बरत रही है। ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने पहले ही अधिकारियों को छापेमारी और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हाल ही में लखनऊ के अमाौसी डिवीजन में भी अभियान चलाकर 88 कनेक्शनों की जांच की गई और 9 लोगों पर मामला दर्ज किया गया। विभाग अब उपभोक्ताओं के सहयोग से चोरों को पकड़ने और ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर पर साइन बोर्ड लगाने की योजना पर काम कर रहा है।