Lucknow में बिजली कटौती पर बवाल, लौलई पावर हाउस में पथराव और तोड़फोड़; 100 से ज्यादा लोगों पर मामला दर्ज
Lucknow: राजधानी लखनऊ में बिजली की भारी कटौती से लोग बेहद नाराज नजर आए। गोमतीनगर के लौलई बिजली उपकेंद्र पर आधी रात को लोगों ने जमकर हंगामा किया और वहां पथराव और तोड़फोड़ की। स्थिति इतनी खराब हो गई कि बिजली विभाग के कर्मच
Lucknow: राजधानी लखनऊ में बिजली की भारी कटौती से लोग बेहद नाराज नजर आए। गोमतीनगर के लौलई बिजली उपकेंद्र पर आधी रात को लोगों ने जमकर हंगामा किया और वहां पथराव और तोड़फोड़ की। स्थिति इतनी खराब हो गई कि बिजली विभाग के कर्मचारी अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले।
घटना 27 जून की रात और 28 जून की सुबह की है। प्रदर्शनकारियों ने उपकेंद्र पर रखी तीन से चार बाइकें, विंडो एसी और कंप्यूटर स्क्रीन तोड़ दिए। बिजली विभाग के अभियंताओं ने इस हिंसा और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में चिनहट थाने में 100 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। चिनहट इंस्पेक्टर डीसी मिश्रा ने पुष्टि की है कि शिकायत मिल गई है और कार्रवाई की जा रही है।
शहर के अलग-अलग हिस्सों में बिजली संकट के कई कारण रहे। गोमतीनगर के सुभाष पार्क में एक ट्रांसफार्मर में आग लग गई, जबकि अमीनाबाद इलाके में केबल जलने से बिजली गुल रही। रामगढ़ी में पीएनजी गैस रिसाव की वजह से एलटी पैनल जल गया, जिससे आपूर्ति बाधित हुई। एक्सईएन गोमतीनगर धीरज कुमार ने बताया कि ताजिया जुलूस के दौरान सुरक्षा के लिए बिजली बंद की गई थी और कुछ इलाकों में बिजली चोरी की वजह से एबीसी केबल जल गई थी।
इस संकट के बीच इंदिरानगर ए-ब्लॉक एचआईजी कॉलोनी के रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने लखनऊ विद्युत आपूर्ति प्रशासन (LESA) के अधिकारियों से मिलकर जल्द समाधान की मांग की। वहीं, विद्युत सुरक्षा निदेशालय की रिपोर्ट में 25 जून को हुए एक अग्निकांड का कारण ओवरलोडिंग बताया गया है, जहां स्वीकृत 20 किलोवाट के मुकाबले 34.10 केवीए बिजली का इस्तेमाल हो रहा था।
बिजली व्यवस्था को लेकर ऊपर से भी सख्ती बरती जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मई 2026 में निर्देश दिए थे कि शहरों और गांवों में बिना रुकावट बिजली मिले और लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई हो। सुरक्षा के लिए लखनऊ के 31 संवेदनशील उपकेंद्रों पर PAC तैनात करने का फैसला लिया गया है। दूसरी ओर, ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने जून के बिलों में 10% FPPAS शुल्क लगाने पर नाराजगी जताई है और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।