Lucknow को तोहफ़ा, 2200 करोड़ से सुधरेगी बिजली व्यवस्था, शहर से गांव तक बिछेगा नया नेटवर्क
Lucknow: राजधानी लखनऊ के लोगों को बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से जल्द निजात मिल सकती है। सरकार शहर और ग्रामीण इलाकों की जर्जर बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए करीब 2200 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। यह पूरा प्
Lucknow: राजधानी लखनऊ के लोगों को बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से जल्द निजात मिल सकती है। सरकार शहर और ग्रामीण इलाकों की जर्जर बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए करीब 2200 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। यह पूरा प्रोजेक्ट साल 2031 तक पूरा किया जाएगा, जिससे बिजली सप्लाई पहले से ज्यादा मजबूत और भरोसेमंद होगी।
मद्यंचल विद्युत वितरण निगम के डायरेक्टर टेक्निकल और कमेटी चेयरमैन हरीश बंसल ने इस सुधार योजना के प्रस्तावों की समीक्षा की है। इस काम में लखनऊ सेंट्रल जोन के चीफ इंजीनियर रवि कुमार अग्रवाल भी शामिल हैं। तैयार किए गए फाइनल प्रस्ताव 15 जुलाई तक ऊर्जा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. आशीष कुमार गोयल को सौंपे जाएंगे।
इस योजना के तहत अमौसी, लखनऊ सेंट्रल, जानकीपुरम और गोमती नगर जोन में बड़े बदलाव किए जाएंगे। पुराने इलाकों में रहने वाले करीब 5 लाख लोगों और 35 हजार नए उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली देने के लिए 7 नए 33 KV सबस्टेशन बनाए जाएंगे। इसके अलावा टल्कटोरा पावर हाउस में एक 132 KV ट्रांसमिशन सबस्टेशन और दो नए 33/11 KV सबस्टेशन लगेंगे। ऐशबाग, राजेंद्रनगर कुडघर, न्यू बालागंज, मल्लपुर और अर्जुनगंज में भी नए सबस्टेशन बनाए जाएंगे।
| सुधार का विवरण | कार्य/लक्ष्य |
|---|---|
| ट्रांसफार्मर अपग्रेड | 11 सबस्टेशनों में 5 MVA के ट्रांसफार्मर हटाकर 10 MVA लगाए जाएंगे |
| नया ट्रांसमिशन स्टेशन | मोहनलालगंज पुराने 33 KV सबस्टेशन परिसर में 132 KV स्टेशन बनेगा |
| बैकअप सिस्टम | हर 33 KV स्टेशन के पास कम से कम दो ट्रांसमिशन सबस्टेशन होंगे |
| तकनीकी सुधार | रिमोट ऑपरेशन के लिए SCADA सिस्टम लागू किया जाएगा |
| इंफ्रास्ट्रक्चर | नई 11 KV और 33 KV लाइनें बिछाई जाएंगी |
इस पूरी व्यवस्था का मकसद यह है कि अगर किसी एक जगह बिजली गुल हो, तो दूसरे सबस्टेशन से तुरंत सप्लाई शुरू की जा सके। वहीं, पूरे प्रदेश की बात करें तो उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने 21 जून 2026 की रात 10:48 बजे 32,348 MW की रिकॉर्ड डिमांड पूरी कर एक नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया है, जिससे पता चलता है कि राज्य स्तर पर बिजली ढांचे को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं।