UP : लखनऊ में बिजली चोरी रोकने और ओवरलोडिंग की समस्या को खत्म करने के लिए बिजली विभाग की रेड टीम ने बड़ा अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के दौरान चोरी पकड़े जाने पर 10 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके सा
UP : लखनऊ में बिजली चोरी रोकने और ओवरलोडिंग की समस्या को खत्म करने के लिए बिजली विभाग की रेड टीम ने बड़ा अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के दौरान चोरी पकड़े जाने पर 10 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसके साथ ही विभाग ने अर्जुनगंज इलाके में बिजली लाइन का काम भी पूरा कर लिया है ताकि लोगों को बेहतर सप्लाई मिल सके।
बिजली चोरी पर कार्रवाई और विभाग का एक्शन
लखनऊ बिजली विभाग, LESA और विजिलेंस की टीमें लगातार शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही हैं। हाल ही में 27 मई को 18 उपभोक्ताओं को मीटर बाईपास कर बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया था। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कनेक्शन कटने के बाद भी चोरी करने वालों पर धारा 135 और 138बी के तहत एफआईआर दर्ज होगी और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
ओवरलोडिंग और बिजली की मांग पर क्या बोले अधिकारी
पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने बताया कि भीषण गर्मी की वजह से बिजली की मांग काफी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि रात के समय मांग में अचानक 3000 मेगावाट की बढ़ोतरी होती है, जिसका बड़ा कारण कटिया लगाकर की जाने वाली बिजली चोरी है। विभाग ने ओवरलोड ट्रांसफार्मरों पर नोटिस लगाने और जनता से सहयोग मांगने के निर्देश दिए हैं ताकि सबको बिना रुकावट बिजली मिल सके।
शहर की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए क्या है प्लान
लखनऊ की बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मार्च 2026 में 4000 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला लिया गया था। इस योजना के तहत शहर में भूमिगत लाइनें बिछाई जाएंगी और ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि बुनियादी ढांचे को मजबूत कर लाइन लॉस को कम किया जाए और बिजली चोरी पर पूरी तरह लगाम लगाई जाए।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में बिजली चोरी पकड़े जाने पर क्या कार्रवाई हो रही है?
बिजली विभाग की रेड टीम और विजिलेंस टीम छापेमारी कर रही है। चोरी करने वालों पर धारा 135 और 138बी के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है और भारी जुर्माना लगाया जा रहा है।
बिजली विभाग के अनुसार रात में लोड बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?
पावर कॉरपोरेशन के अनुसार रात में बिजली की मांग में अचानक 3000 मेगावाट से ज्यादा की बढ़ोतरी होती है, जिसका मुख्य कारण बड़े पैमाने पर कटिया लगाकर की जाने वाली बिजली चोरी है।