Lucknow में उमस बढ़ते ही बिजली की आंख-मिचौली शुरू, कई इलाकों में ट्रिपिंग से लोग परेशान

Lucknow: राजधानी लखनऊ में उमस बढ़ने के साथ ही बिजली की समस्या फिर से खड़ी हो गई है। शहर के कई इलाकों में बिजली की सप्लाई बार-बार कट रही है, जिससे लोग गर्मी और उमस से बेहाल हैं। कई जगहों पर फीडर ट्रिपिंग की शिकायतें सामने

Lucknow: राजधानी लखनऊ में उमस बढ़ने के साथ ही बिजली की समस्या फिर से खड़ी हो गई है। शहर के कई इलाकों में बिजली की सप्लाई बार-बार कट रही है, जिससे लोग गर्मी और उमस से बेहाल हैं। कई जगहों पर फीडर ट्रिपिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) ने इस समस्या के पीछे तकनीकी खराबी, फीडर ट्रिपिंग और पैनलों में नमी घुसने जैसे कारणों को बताया है। शहर के कुछ हिस्सों में ओवरहेड लाइनों के पास पेड़ों की छंटाई का काम चलने की वजह से भी बिजली कटौती हुई थी। इससे पहले 10 जुलाई को भी बारिश और तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से शहर के कई हिस्सों में बिजली गुल रही थी।

बिजली की इस किट-किट के बीच उपभोक्ता अन्य समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। 9 जुलाई को कई उपभोक्ताओं ने मनमाने ढंग से बढ़ाए गए विद्युत भार (Load) और बढ़े हुए बिलों को लेकर हंगामा किया था। पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक (कमर्शियल) प्रशांत वर्मा ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं ने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच तीन बार स्वीकृत भार का उल्लंघन किया था, उनका लोड उत्तर प्रदेश विद्युत आपूर्ति संहिता-2005 और टैरिफ आदेशों के तहत बढ़ाया गया है।

हालांकि, जून के अंत में उपभोक्ताओं को राहत मिली थी क्योंकि FPPAS के नकारात्मक होने से जुलाई के बिलों में 4.43% की कमी आई थी। लखनऊ मध्य जोन के अधीक्षण अभियंता (वाणिज्य) मुकेश त्यागी ने कहा है कि गलत बिलों को ठीक करने का काम चल रहा है और शिकायतों का निपटारा किया जा रहा है। वहीं, ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे का मानना है कि अगर लोड बढ़ रहा है, तो कंपनियों को बिजली के बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ाने की जरूरत है।