Lucknow में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट, चिनहट में 20 घंटे गुल रही बत्ती तो लोगों ने घेरा पावर हाउस

Lucknow: राजधानी लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच बिजली की भारी किल्लत ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चिनहट और हजरतगंज जैसे इलाकों में बिजली गुल होने से जनता में भारी आक्रोश देखा गया। चिनहट के कांशीराम कॉलोनी के निवासियों

Lucknow: राजधानी लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच बिजली की भारी किल्लत ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चिनहट और हजरतगंज जैसे इलाकों में बिजली गुल होने से जनता में भारी आक्रोश देखा गया। चिनहट के कांशीराम कॉलोनी के निवासियों ने बिजली कटौती से परेशान होकर आधी रात को ही बिजली घर का घेराव कर दिया।

घटना 26 जून की रात की है जब चिनहट के लौलाई सब-स्टेशन के तहत मल्हौर का पुरवा में एक AB केबल टूट गई थी। इस वजह से 100 से ज्यादा घरों में करीब 18 से 20 घंटे तक बिजली और पानी की सप्लाई बंद रही। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जूनियर इंजीनियर (JE) और SDO ने छुट्टी होने के कारण उनके फोन नहीं उठाए। बाद में जब संविदा कर्मियों ने लाइन ठीक की, तो जर्जर केबल दोबारा टूट गई। स्टोर में नई केबल उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को अंधेरे और पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा, जिसके बाद पुलिस को भीड़ को खदेड़ना पड़ा।

इधर हजरतगंज के पास अमीनाबाद इलाके में भी 26 जून की रात करीब 8 बजे एक AB केबल में आग लग गई। इस हादसे के बाद चिकमंडी, महिला कॉलेज, इंदिरा मार्केट और ख्यालीगंज जैसे इलाकों की बिजली गुल हो गई और पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। इसके अलावा राजाजीपुरम में एक वाहन की टक्कर से दो बिजली के खंभे गिर गए, जिससे सेक्टर-12 और 13 में देर रात तक अंधेरा रहा।

राज्य में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। 26 जून को उत्तर प्रदेश में अधिकतम मांग 32,634 मेगावाट तक गई, जो अब तक की सबसे अधिक है। ग्रामीण इलाकों में 2,000 से 3,000 मेगावाट की कमी के कारण 6-7 घंटे की लोड शेडिंग हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि बिजली आपूर्ति निर्बाध रहे और शिकायतों का तुरंत निपटारा किया जाए।

वहीं, ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने UPPCL के चेयरमैन आशीष गोयल से विभागीय कार्यप्रणाली और जून 2026 के बिलों में 10% फ्यूल सरचार्ज लगाने पर नाराजगी जताई है। सरकार ने अलीगंज अग्निकांड के बाद यह भी तय किया है कि अब बिना फायर एनओसी और सेफ्टी ऑडिट के किसी भी कमर्शियल बिल्डिंग को नया बिजली कनेक्शन या ट्रेड लाइसेंस नहीं मिलेगा।