UP: लखनऊ की सड़कों पर अचानक लगे कुछ विवादित पोस्टरों ने शहर की राजनीति में हलचल मचा दी है। इन पोस्टरों में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को ‘कटियाबाज’ कहा गया है। 2027 के विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं,
UP: लखनऊ की सड़कों पर अचानक लगे कुछ विवादित पोस्टरों ने शहर की राजनीति में हलचल मचा दी है। इन पोस्टरों में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को ‘कटियाबाज’ कहा गया है। 2027 के विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन राजधानी में अभी से पोस्टर वार शुरू हो गया है, जिससे सियासी माहौल काफी गर्म है।
इन पोस्टरों में क्या लिखा है और कहां लगाए गए
ये विवादित पोस्टर शनिवार, 9 मई 2026 को लखनऊ के बंगला बाजार और पुरानी जेल रोड जैसे इलाकों में लगाए गए थे। पोस्टरों में अखिलेश यादव के साथ सपा नेता आजम खान और सांसद जिया उर रहमान बर्क को भी बिजली चोर बताया गया है। इनमें ‘रमजान में बिजली फुल, दीवाली पर बिजली गुल’ जैसे नारे लिखे हैं और सपा सरकार के समय बिजली के तुष्टिकरण का आरोप लगाया गया है।
किसने लगाए पोस्टर और क्या है प्रशासन का रुख
अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि ये पोस्टर किसने लगाए हैं, हालांकि इन्हें अज्ञात लोगों या शरारती तत्वों की करतूत बताया जा रहा है। समाजवादी पार्टी की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है और न ही पुलिस ने अब तक किसी कार्रवाई की जानकारी दी है। वहीं, उत्तर प्रदेश बिजली विभाग (UPPCL) ने कहा है कि बिजली आपूर्ति में कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है।
पुराने विवाद और स्मार्ट मीटर का मामला
लखनऊ में अखिलेश यादव को निशाना बनाने वाले पोस्टर पहले भी देखे गए हैं, जिनमें उन्हें ‘लियारी राज’ जैसे शब्दों से जोड़ा गया था। हाल ही में अखिलेश यादव ने स्मार्ट मीटरों में भ्रष्टाचार और बिजली चोरी को लेकर सरकार पर आरोप लगाए थे। इसके जवाब में ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा था कि स्मार्ट मीटर तकनीकी सुधार हैं ताकि गलत बिलिंग और भ्रष्टाचार को रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में अखिलेश यादव के खिलाफ किस तरह के पोस्टर लगे हैं?
लखनऊ के बंगला बाजार और पुरानी जेल रोड जैसे इलाकों में पोस्टरों के जरिए अखिलेश यादव और अन्य सपा नेताओं को ‘कटियाबाज’ (बिजली चोर) बताया गया है और उन पर बिजली के तुष्टिकरण का आरोप लगाया गया है।
क्या इन पोस्टरों को लेकर पुलिस ने कोई कार्रवाई की है?
10 मई 2026 तक पुलिस या प्रशासन की ओर से इन पोस्टरों के संबंध में किसी भी कानूनी कार्रवाई की कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है।