Lucknow की आबादी में भारी उछाल, 15 साल में बढ़े 16 लाख लोग; जन्म दर नहीं माइग्रेशन है बड़ी वजह

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की आबादी अब तेजी से बढ़ रही है। पिछले 15 सालों में शहर की जनसंख्या में करीब 16 लाख की बढ़ोतरी हुई है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह बढ़ोत्तरी जन्म दर की वजह से नहीं, बल्कि दूसरे शह

Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की आबादी अब तेजी से बढ़ रही है। पिछले 15 सालों में शहर की जनसंख्या में करीब 16 लाख की बढ़ोतरी हुई है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह बढ़ोत्तरी जन्म दर की वजह से नहीं, बल्कि दूसरे शहरों और गांवों से आने वाले लोगों यानी माइग्रेशन के कारण हुई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल जन्म दर के आधार पर इतनी ज्यादा आबादी बढ़ना मुमकिन नहीं है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे के मुताबिक यूपी में प्रजनन दर लगातार कम हो रही है। 2011 की जनगणना के आंकड़े बताते हैं कि लखनऊ में आए प्रवासियों में से 56.6% लोग ग्रामीण इलाकों से थे। लखनऊ जिले की कुल आबादी में करीब 40% हिस्सा इन बाहरी प्रवासियों का है। साल 2011 से 2026 के बीच शहरी आबादी में 46% और ग्रामीण इलाकों में 28% की वृद्धि हुई है।

ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में लखनऊ की अनुमानित जनसंख्या 55.50 लाख है, जबकि कुछ आंकड़े इसे 60.40 लाख के पार बताते हैं। लोग यहाँ बेहतर रोजगार, अच्छी पढ़ाई, बड़े अस्पतालों और सरकारी दफ्तरों की वजह से आ रहे हैं। आईटी और सर्विस सेक्टर के बढ़ने से भी लोगों का रुझान लखनऊ की तरफ बढ़ा है। ज्यादातर लोग हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी, उन्नाव, रायबरेली, अयोध्या, सुल्तानपुर और गोंडा जैसे जिलों के साथ-साथ पूर्वांचल और अन्य राज्यों से यहाँ आकर बस रहे हैं।

विवरण आंकड़े/जानकारी
15 साल में जनसंख्या वृद्धि करीब 16 लाख
कुल आबादी में माइग्रेशन का योगदान लगभग 40%
शहरी आबादी में वृद्धि (2011-2026) 46%
ग्रामीण आबादी में वृद्धि (2011-2026) 28%
2026 की अनुमानित जनसंख्या 55.50 लाख से 60.40 लाख
मुख्य कारण रोजगार, शिक्षा और चिकित्सा सुविधाएं

आबादी बढ़ने से शहर के बुनियादी ढांचे पर दबाव भी बढ़ा है। सड़कों पर गाड़ियों की संख्या बढ़ गई है और नए रिहायशी इलाकों में पानी, सीवर, पार्किंग और बस-ऑटो जैसी सुविधाओं की मांग तेज हो गई है।

दूसरी तरफ, सरकार 2027 की जनगणना की तैयारी में जुटी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल जनगणना की शुरुआत की है। इसके लिए हाउस लिस्टिंग का काम मई और जून 2026 में पूरा किया गया। जनगणना 2027 के अंतिम आंकड़े फरवरी 2027 में आने की उम्मीद है। साथ ही, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) जुलाई 2026 से जून 2027 तक प्रवासन का एक बड़ा सर्वे भी करेगा।