Lucknow में फर्जी वकीलों पर पुलिस का शिकंजा, जमीन कब्जाने वाले अपराधियों के लिए फिर सक्रिय हुआ विशेष प्रकोष्ठ
Lucknow: लखनऊ पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जो वकील का चोला पहनकर जमीन कब्जाने और अन्य अपराधों में शामिल हैं। पुलिस कमिश्नरेट ने ऐसे ‘अधिवक्ता वेशधारी’ अपराधियों पर नकेल कसने के लिए अपने विशेष
Lucknow: लखनऊ पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है जो वकील का चोला पहनकर जमीन कब्जाने और अन्य अपराधों में शामिल हैं। पुलिस कमिश्नरेट ने ऐसे ‘अधिवक्ता वेशधारी’ अपराधियों पर नकेल कसने के लिए अपने विशेष प्रकोष्ठ (Special Cell) को फिर से सक्रिय कर दिया है। यह कदम थानों में मिल रही लगातार शिकायतों और इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद उठाया गया है।
इस विशेष प्रकोष्ठ का गठन सबसे पहले 8 दिसंबर 2023 को किया गया था, जो इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के आदेश का पालन था। हाल ही में 21 जुलाई 2026 को कैसरबाग जिला अदालत परिसर में हुई मारपीट और तोड़फोड़ की घटना के बाद प्रशासन ने इसे दोबारा सक्रिय करने का फैसला लिया। हाईकोर्ट ने इस मामले में पुलिस कमिश्नर को व्यक्तिगत जांच करने और वरिष्ठ अधिकारियों को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे फर्जी या अराजकता फैलाने वाले वकीलों के खिलाफ निडर होकर शिकायत करें। पुलिस ने साफ किया है कि थाना स्तर पर शिकायत दर्ज कराने की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी, लेकिन विशेष प्रकोष्ठ में आने वाली शिकायतों की अलग से निगरानी होगी ताकि दोषियों पर समयबद्ध कार्रवाई हो सके।
पीड़ित लोग अपनी शिकायतें सीधे संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) कार्यालय के कक्ष संख्या-36 में दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा, मदद के लिए मोबाइल नंबर 9454634500 पर भी संपर्क किया जा सकता है। यह सेल मुख्य रूप से उन संगठित गिरोहों पर नजर रखेगी जो वकील बनकर लोगों के प्लॉट, मकान और अन्य संपत्तियों पर अवैध कब्जा करते हैं।
आंकड़ों की बात करें तो 20 जुलाई 2026 तक लखनऊ में करीब 900 अधिवक्ताओं पर 575 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास और जमीन कब्जाने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए उपनिरीक्षक रामेश्वर तिवारी को विशेष प्रकोष्ठ का प्रभारी बनाया गया है।