Lucknow में ‘ऑपरेशन मुस्कान’ तेज, 22 गुमशुदा बच्चियों की तलाश में बालिका गृहों का सत्यापन शुरू

Lucknow: राजधानी लखनऊ में लापता बच्चों और मानव तस्करी को रोकने के लिए पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस अभियान का मुख्य मकसद उन मासूम बच्चों को उनके परिवार से मिलाना है जो लंबे स

Lucknow: राजधानी लखनऊ में लापता बच्चों और मानव तस्करी को रोकने के लिए पुलिस ने ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इस अभियान का मुख्य मकसद उन मासूम बच्चों को उनके परिवार से मिलाना है जो लंबे समय से गायब हैं। शुक्रवार को पुलिस की विशेष टीम ने शहर के बालिका गृहों में जाकर जांच-पड़ताल शुरू की ताकि गुमशुदा बच्चियों की पहचान की जा सके।

शुक्रवार, 19 जून 2026 को एडीसीपी क्राइम किरन यादव के नेतृत्व में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) की टीम ने पारा के सिंधीखेड़ा स्थित राजकीय बालिका गृह का निरीक्षण किया। टीम ने वहां रह रही बच्चियों से बात की और उनकी पारिवारिक जानकारी जुटाई। पुलिस फिलहाल 22 गुमशुदा बच्चियों की तलाश कर रही है और इसी कड़ी में बालिका गृहों का सत्यापन किया जा रहा है।

इस पूरे मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने भी चिंता जताई है। कोर्ट ने लखनऊ पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि 3 जुलाई तक 34 लापता नाबालिग लड़कियों के मामले में विस्तृत प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश की जाए। पुलिस अब हर केस की गहराई से समीक्षा कर रही है, जिसमें बच्चों की पारिवारिक स्थिति और उनके डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच की जा रही है ताकि कोई नया सुराग मिल सके।

आंकड़ों की बात करें तो लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने इस साल 1 जनवरी से 8 जून के बीच लापता हुई 261 नाबालिग लड़कियों में से 227 का पता लगा लिया है, जबकि 34 लड़कियां अब भी लापता हैं। ऑपरेशन मुस्कान के तहत हाल ही में एएचटीयू ने दो साल से गायब एक 16 साल की लड़की और एक नाबालिग लड़के को भी बरामद किया है। उत्तर प्रदेश पुलिस का यह अभियान लगातार जारी है ताकि अधिक से अधिक बच्चों को उनके माता-पिता तक पहुंचाया जा सके।