UP: लखनऊ के रिजर्व पुलिस लाइन में ड्यूटी के नाम पर पैसों की वसूली का मामला सामने आया है। सिपाही सुनील कुमार शुक्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस वीडियो के बाद पु
UP: लखनऊ के रिजर्व पुलिस लाइन में ड्यूटी के नाम पर पैसों की वसूली का मामला सामने आया है। सिपाही सुनील कुमार शुक्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस वीडियो के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और पुलिस कमिश्नर ने तुरंत एक्शन लिया है।
सिपाही ने क्या आरोप लगाए हैं?
सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने आरोप लगाया है कि रिजर्व पुलिस लाइन के आरआई (RI), गणना प्रभारी और गार्द कमांडर ने मिलकर एक सिंडिकेट बनाया हुआ है। उनके मुताबिक, हर जवान से ड्यूटी लगाने के बदले 2000 रुपये महीना वसूला जाता है। सिपाही ने कुछ IPS अधिकारियों पर भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्हें ‘ब्लैक इंग्लिशमैन’ कहा और दावा किया कि वसूली का हिस्सा ऊपर तक जाता है।
पुलिस प्रशासन ने अब तक क्या कदम उठाए?
पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ADCP लाइंस राजेश यादव को विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। जांच के लिए एक कमेटी भी बनाई गई है। ACP लाइंस डॉ. शिप्रा पांडे ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद सबूतों के आधार पर कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि ड्यूटी लगाने का काम SOP के तहत होता है और इसकी निगरानी राजपत्रित अधिकारियों द्वारा की जाती है।
आरोप लगाने वाले सिपाही और RI का क्या कहना है?
सिपाही सुनील कुमार शुक्ला 2015 बैच के जवान हैं और फिलहाल वह 20 दिन की अर्जित छुट्टी पर हैं। दूसरी ओर, पुलिस लाइन के रिजर्व इंस्पेक्टर (RI) ने इन आरोपों को गलत बताया है। RI का कहना है कि सुनील कुमार शुक्ला अमेठी के रहने वाले हैं और उनकी पत्नी रायबरेली में सिपाही हैं, उनके कुछ पारिवारिक विवाद चल रहे हैं, जिसकी वजह से उन्होंने यह सब कहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ पुलिस लाइन में वसूली का आरोप किसने लगाया?
यह आरोप 2015 बैच के सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने एक वायरल वीडियो के जरिए लगाया है, जिसमें उन्होंने ड्यूटी के बदले 2000 रुपये प्रति माह वसूली की बात कही है।
इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर के आदेश पर ADCP लाइंस राजेश यादव और एक विशेष कमेटी इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।