UP: लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात एक सिपाही ने विभाग के भीतर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने वीडियो जारी कर दावा किया है कि अच्छी ड्यूटी पाने के लिए सिपाहियों से पैसे लिए जाते हैं। उन
UP: लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात एक सिपाही ने विभाग के भीतर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। सिपाही सुनील कुमार शुक्ला ने वीडियो जारी कर दावा किया है कि अच्छी ड्यूटी पाने के लिए सिपाहियों से पैसे लिए जाते हैं। उन्होंने इस पूरे खेल में बड़े अधिकारियों की मिलीभगत की बात कही है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की मांग की है।
भ्रष्टाचार का क्या है पूरा मामला
सिपाही सुनील शुक्ला ने आरोप लगाया कि लखनऊ समेत कई जिलों की पुलिस लाइनों में ड्यूटी लगाने के नाम पर वसूली होती है। उनके मुताबिक, अनुकूल ड्यूटी के लिए सिपाहियों और दीवानों से हर महीने करीब 2,000 रुपये लिए जाते हैं। यह पैसा गार्ड कमांडरों के जरिए इकट्ठा होकर आरआई (RI) और अन्य उच्च अधिकारियों तक पहुंचता है। सिपाही का दावा है कि एक रोल कॉल सेक्शन से ही महीने का करीब 8 लाख रुपये तक का कलेक्शन होता है।
सिपाही ने लगाया उत्पीड़न का आरोप
सुनील शुक्ला ने 7, 8 और 10 मई को तीन अलग-अलग वीडियो जारी किए। अपने आखिरी वीडियो में उन्होंने कहा कि रात 1 बजे पुलिस उनके घर पहुंची, जहां उनकी बुजुर्ग मां और बहन रहती हैं। उन्होंने इसे मानसिक उत्पीड़न बताया और सवाल किया कि क्या वह कोई अपराधी हैं। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें डराकर चुप नहीं कराया जा सकता और वह निष्पक्ष जांच चाहते हैं।
पुलिस विभाग ने क्या कार्रवाई की
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने इस मामले में एडीसीपी लाइंस के नेतृत्व में एक जांच समिति बना दी है। सहायक पुलिस आयुक्त डॉ. शिप्रा पांडे ने बताया कि आरोपों की विस्तृत जांच होगी और रिपोर्ट के बाद कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि जांच उन अधिकारियों को सौंपी गई है जो पुलिस लाइन मैनेजमेंट का हिस्सा नहीं हैं, ताकि निष्पक्षता बनी रहे। साथ ही यह भी बताया गया कि ड्यूटी निर्धारण के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन किया जाता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सिपाही सुनील शुक्ला ने भ्रष्टाचार को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?
सिपाही ने आरोप लगाया है कि पुलिस लाइन में अच्छी ड्यूटी पाने के लिए सिपाहियों से महीने के 2,000 रुपये लिए जाते हैं, जो गार्ड कमांडरों के जरिए बड़े अधिकारियों तक पहुंचते हैं।
पुलिस विभाग ने इस मामले में अब तक क्या कदम उठाए हैं?
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने एडीसीपी लाइंस की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित की है। विभाग का कहना है कि जांच बाहरी अधिकारियों द्वारा की जा रही है ताकि पूरी निष्पक्षता रहे।