UP: लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 60 दिनों के लिए निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू कर दी है। यह फैसला बकरीद, बड़ा मंगल, मोहर्रम और होने वाली प्रवेश परीक्षाओं को देखते हुए लिया गया है। अब किसी
UP: लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 60 दिनों के लिए निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू कर दी है। यह फैसला बकरीद, बड़ा मंगल, मोहर्रम और होने वाली प्रवेश परीक्षाओं को देखते हुए लिया गया है। अब किसी भी धार्मिक आयोजन या जुलूस के लिए प्रशासन से पहले अनुमति लेना जरूरी होगा।
धार्मिक आयोजनों के लिए क्या हैं नए नियम?
प्रशासन ने साफ किया है कि बड़े मंगल के भंडारों और मोहर्रम के जुलूसों के लिए अनुमति लेनी होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि प्रार्थनाएं तय जगहों पर ही हों और सड़कों को ब्लॉक न किया जाए। अगर भीड़ ज्यादा है, तो नमाज शिफ्ट में अदा करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही, जुलूसों में हथियार ले जाने या दिखाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
प्रशासन ने किन बातों पर दिया जोर?
पुलिस अधिकारियों को निर्देश मिला है कि किसी भी धार्मिक कार्यक्रम के लिए नए रास्ते या नई परंपराओं की अनुमति नहीं दी जाएगी। जुलूस और मजलिसों के आयोजकों को पहले से रजिस्ट्रेशन कराना होगा ताकि तालमेल बना रहे। डीजीपी राजीव कृष्णा ने भी मोहर्रम को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।
शहर के माहौल पर क्या असर होगा?
लखनऊ में इस बार आठ बड़े मंगल मनाए जा रहे हैं, जिससे भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है। इसके साथ ही, 17 मई को हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में 21 से 26 मई तक वकीलों के सामूहिक अवकाश से शहर में तनाव की स्थिति बनी हुई है। इन सब कारणों से पुलिस प्रशासन ज्यादा सतर्क है और भीड़ नियंत्रण व ट्रैफिक मैनेजमेंट पर ध्यान दे रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या बड़े मंगल के भंडारे लगाने के लिए परमिशन लेनी होगी?
हाँ, लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के नए आदेश के अनुसार अब बड़े मंगल के भंडारों और सभी धार्मिक आयोजनों के लिए प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य है।
धार्मिक जुलूसों के लिए क्या पाबंदियां लगाई गई हैं?
जुलूसों में हथियार ले जाने पर पूरी तरह रोक है। साथ ही, किसी भी नए रास्ते या नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी और आयोजकों को पहले रजिस्ट्रेशन कराना होगा।