Lucknow: लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला के एक वीडियो ने उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है. सिपाही ने खुलेआम आरोप लगाया है कि पुलिस विभाग के भीतर मलाईदार ड्यूटी लगवाने के नाम पर लाखों रु
Lucknow: लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला के एक वीडियो ने उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है. सिपाही ने खुलेआम आरोप लगाया है कि पुलिस विभाग के भीतर मलाईदार ड्यूटी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की घूसखोरी चल रही है. इस मामले के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने मामले की जांच बैठा दी है. सिपाही ने पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्हें काले अंग्रेज तक कह दिया है.
सिपाही ने वसूली को लेकर क्या बड़े खुलासे किए हैं?
सिपाही सुनील कुमार शुक्ला 2015 बैच के पुलिसकर्मी हैं और वर्तमान में लखनऊ में तैनात हैं. उनका आरोप है कि रिजर्व पुलिस लाइन में अच्छी ड्यूटी पाने के लिए सिपाहियों और हेड सिपाहियों से हर महीने 2,000 रुपये की वसूली की जाती है. सुनील ने बताया कि यह एक पूरा नेटवर्क है जिसमें रिजर्व इंस्पेक्टर (RI), गणना प्रभारी और गार्ड कमांडर शामिल हैं. उनके मुताबिक सिर्फ एक सेक्शन से ही करीब 400 पुलिसकर्मियों से हर महीने लगभग 8 लाख रुपये इकट्ठा किए जाते हैं जो ऊपर तक जाते हैं. सिपाही ने इस पूरी व्यवस्था को सामंती और भ्रष्ट करार दिया है.
पुलिस विभाग की इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया है?
इस गंभीर आरोप के बाद लखनऊ पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने तुरंत एक्शन लेते हुए ADCP लाइन्स को विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं. हालांकि, पुलिस विभाग का कहना है कि ड्यूटी लगाने की एक तय प्रक्रिया (SOP) होती है और समय-समय पर ड्यूटी इंचार्ज बदले जाते हैं. रिजर्व इंस्पेक्टर ब्रजेंद्र सिंह ने इन आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया है. फिलहाल सिपाही सुनील कुमार शुक्ला घर बनाने के लिए 20 दिन की छुट्टी पर हैं और इसी दौरान उनके दो वीडियो सामने आए हैं जिसमें उन्होंने जांच की निष्पक्षता पर भी संदेह जताया है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
आरोपी सिपाही सुनील कुमार शुक्ला कहां के रहने वाले हैं?
सिपाही सुनील कुमार शुक्ला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के रहने वाले हैं और वर्तमान में लखनऊ पुलिस लाइन में तैनात हैं.
लखनऊ पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ADCP लाइन्स को जांच सौंपी है और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही है.
सिपाही ने वसूली के तौर-तरीकों को लेकर क्या दावा किया है?
सिपाही का दावा है कि अच्छी तैनाती के लिए हर सिपाही से ₹2000 लिए जाते हैं और यह पैसा गणना प्रभारी और गार्ड कमांडर के जरिए ऊपर तक पहुंचता है.