UP : लखनऊ में निवेश की रकम दोगुनी करने का लालच देकर लोगों को लूटने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस गिरोह में उत्तर प्रदेश पुलिस का एक सिपाही मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने सिपाही पूर्ण सिंह और उसके तीन साथियों को गिरफ्
UP : लखनऊ में निवेश की रकम दोगुनी करने का लालच देकर लोगों को लूटने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस गिरोह में उत्तर प्रदेश पुलिस का एक सिपाही मास्टरमाइंड निकला। पुलिस ने सिपाही पूर्ण सिंह और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों ने सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल कर लोगों को डराया और उनसे पैसे लूटे।
ठगी का तरीका क्या था और कैसे हुई गिरफ्तारी?
यह गिरोह लोगों को निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देता था। जब लोग पैसे लगा देते, तो आरोपी पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों का फर्जी नाम लेकर उन्हें डराते-धमकाते थे। इसी दौरान 10 जून 2026 को दिवाकर सिंह और अनूप शुक्ला को चिनहट के ग्लोबल इन होटल के पास बुलाया गया, जहाँ उनके साथ लूटपाट हुई। पीड़ित प्रभाकर सिंह की शिकायत पर चिनहट पुलिस और सर्विलांस टीम ने कार्रवाई की। पूर्वी जोन की डीसीपी डॉ. दीक्षा शर्मा के मुताबिक, जब आरोपी पीड़ितों के पैसे वापस करने की कोशिश कर रहे थे, तभी उन्हें धर दबोचा गया।
कौन-कौन हुए गिरफ्तार और क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड सिपाही पूर्ण सिंह के साथ तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे मामले में CRPF के दारोगा जेपी यादव, आनंद दुबे, जावेद हुसैन, आसिफ और प्रवेश त्रिपाठी के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.25 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई दो कारें बरामद की हैं। आरोपियों पर अपहरण और डकैती का मुकदमा दर्ज किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में निवेश ठगी मामले में मुख्य आरोपी कौन है?
इस गिरोह का मास्टरमाइंड लखनऊ पुलिस का सिपाही पूर्ण सिंह है, जिसने अन्य साथियों के साथ मिलकर सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल कर ठगी और लूटपाट की।
पुलिस ने आरोपियों से क्या-क्या बरामद किया है?
चिनहट पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 1.25 लाख रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई दो कारें बरामद की हैं।