Lucknow में पुलिस चौकी प्रभारी और सिपाहियों का गिरोह लूटपाट में शामिल, 4 गिरफ्तार, चौकी प्रभारी निलंबित

Lucknow: राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके में रक्षक ही भक्षक बन गए। यहाँ एक पुलिस चौकी के प्रभारी और सिपाहियों ने मिलकर लूटपाट का गिरोह चला रखा था। पुलिस ने इस मामले में एक सिपाही समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि चौकी

Lucknow: राजधानी लखनऊ के चिनहट इलाके में रक्षक ही भक्षक बन गए। यहाँ एक पुलिस चौकी के प्रभारी और सिपाहियों ने मिलकर लूटपाट का गिरोह चला रखा था। पुलिस ने इस मामले में एक सिपाही समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि चौकी प्रभारी समेत कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं।

यह पूरा मामला 10 जून 2026 को हुई एक लूट के बाद सामने आया। वृंदावन कॉलोनी के रहने वाले प्रभाकर सिंह ने अपने भाई और दोस्त के साथ हुई लूट की शिकायत चिनहट थाने में दर्ज कराई थी। पीड़ितों से करीब 5 लाख रुपये लूटे गए थे। जांच के दौरान पता चला कि इस गिरोह में पुलिसकर्मी भी शामिल थे, जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर गिरफ्तारियां शुरू कीं।

इस गिरोह का काम करने का तरीका बहुत शातिर था। ये लोग लोगों को क्रिप्टोकरेंसी और बिटक्वाइन में पैसा दोगुना करने का लालच देते थे। जब कोई व्यक्ति पैसे लेकर आता, तो गिरोह के सदस्य खुद को STF या SOG का अधिकारी बताकर उन्हें जबरन गाड़ी में बिठा लेते थे। डरा-धमकाकर उनसे मोटी रकम लूट ली जाती थी। इस काम के लिए एक सफेद बोलेरो और बिना नंबर वाली वैगनआर कार का इस्तेमाल किया गया था।

विवरण जानकारी
गिरफ्तार आरोपी पूरन सिंह (सिपाही), जावेद हुसैन, आसिफ और प्रवेश त्रिपाठी
फरार आरोपी मोहित (चौकी प्रभारी), जय प्रकाश यादव (CRPF दरोगा), आनंद दुबे और एक बर्खास्त PAC सिपाही
बरामदगी 1.25 लाख रुपये नकद और दो कारें
कार्यवाही चौकी प्रभारी मोहित को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू

डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि प्राथमिक जांच में चौकी प्रभारी मोहित की साठगांठ की पुष्टि हुई है, इसलिए उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। फरार आरोपी जय प्रकाश यादव 13 जून को छुट्टी लेकर गायब हो गया है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है और उनकी संपत्ति की जांच भी की जा रही है ताकि आय से अधिक संपत्ति का पता लगाया जा सके। गिरफ्तार सिपाही पूरन सिंह ने कई अन्य पुलिसकर्मियों से भी उधार ले रखा था, जिसे वह सट्टेबाजी या निवेश में लगाता था।