Lucknow में इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश, अमेरिका के टोल फ्री नंबरों से ठगते थे लोग
Lucknow: लखनऊ पुलिस ने एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह को पकड़ा है जो अमेरिका के नागरिकों को अपना निशाना बना रहा था। यह गैंग अमेरिका के टोल फ्री नंबर खरीदकर फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। पुलिस ने अब तक इस मामल
Lucknow: लखनऊ पुलिस ने एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह को पकड़ा है जो अमेरिका के नागरिकों को अपना निशाना बना रहा था। यह गैंग अमेरिका के टोल फ्री नंबर खरीदकर फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था। पुलिस ने अब तक इस मामले में 122 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक विनीत वशिष्ठ भी शामिल है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि यह पूरा खेल बहुत शातिर तरीके से खेला जा रहा था। अमेरिका में बैठे कुछ ऑपरेटर्स टोल फ्री नंबर खरीदते थे और फिर WhatsApp के जरिए इन नंबरों की जानकारी भारत में बैठे हैंडलर्स को देते थे। लखनऊ में यह कॉल सेंटर Solaris Solution के नाम से चल रहा था, लेकिन ऑफिस का लीज Xicom Technologies नाम की कंपनी के नाम पर लिया गया था।
ADCP (Crime) किरण यादव ने बताया कि पुलिस ने +1-888-624-XXXX सीरीज के टोल फ्री नंबरों की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए किया गया था। यह जानकारी अब यूपी पुलिस मुख्यालय के माध्यम से अमेरिकी अधिकारियों के साथ साझा की जाएगी। लखनऊ पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने भी इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के भंडाफोड़ की पुष्टि की है।
इस मामले में अमेरिकी दूतावास ने भी लखनऊ पुलिस से संपर्क किया है। अमेरिकी एजेंसियां अब उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं जिन्होंने उनके देश के नागरिकों को ठगा है। इस जांच में Somos और Traceback जैसी अमेरिकी संस्थाओं की मदद ली जा रही है, जो टोल फ्री नंबरों के रजिस्ट्रेशन और कॉल ट्रेसिंग का काम करती हैं।
पुलिस अब इस गिरोह के सबसे बड़े मास्टरमाइंड ‘चार्ल्स’ की तलाश कर रही है। जानकारी मिली है कि चार्ल्स आखिरी बार मध्य प्रदेश में देखा गया था और आशंका है कि वह नेपाल भागने की कोशिश कर सकता है। इसके अलावा पुलिस अब हवाला ट्रांजेक्शन की भी जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि ठगी का पैसा कहां-कहां गया।