Lucknow में अमेरिकियों से 250 करोड़ की ठगी, कॉल सेंटर पर छापा मारकर 119 लोग गिरफ्तार

Lucknow: राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में पुलिस ने एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह एक कॉल सेंटर के जरिए अमेरिका के लोगों को अपना शिकार बना रहा था, जिनसे अब तक करीब 250 करोड़ र

Lucknow: राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में पुलिस ने एक बहुत बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह एक कॉल सेंटर के जरिए अमेरिका के लोगों को अपना शिकार बना रहा था, जिनसे अब तक करीब 250 करोड़ रुपये ठगे गए हैं। पुलिस ने इस मामले में अब तक 119 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 40 महिलाएं भी शामिल हैं।

पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर ने बताया कि यह पूरा खेल विभूति खंड के समिट बिल्डिंग की 11वीं मंजिल पर चल रहा था। यहां ‘Solaris Solution’ नाम से दो ऑफिस खोले गए थे, जो पिछले छह महीने से काम कर रहे थे। ठग लोग खुद को Amazon, Microsoft, Apple और Facebook जैसी बड़ी कंपनियों का कर्मचारी बताते थे। इसके बाद वे खुद को FBI और FTC जैसी अमेरिकी सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को डराते थे और गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। यह काम रात के समय किया जाता था ताकि अमेरिका के समय के हिसाब से लोगों से बात की जा सके।

डीसीपी क्राइम अनिल कुमार यादव और एडीसीपी किरण यादव के मुताबिक, ठगी के लिए एक खास चार-स्तरीय मॉडल तैयार किया गया था। पैसे लेने के लिए गिफ्ट कार्ड, क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल वाउचर का इस्तेमाल किया गया ताकि पुलिस को पैसों का पता न चल सके। इस काम के लिए अलग-अलग राज्यों से अंग्रेजी बोलने वाले पढ़े-लिखे युवाओं को रखा गया था, जिन्हें 25,000 से 40,000 रुपये सैलरी और ठगी गई रकम पर 10 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था।

जब्त किया गया सामान संख्या/विवरण
लैपटॉप 100-103
मोबाइल फोन 177-178
हेडसेट्स 116
इंटरनेट राउटर 8
अन्य उपकरण VoIP सिस्टम, बायोमेट्रिक डिवाइस, डिजिटल स्टोरेज

इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड विनीत फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस को शक है कि वह देश छोड़कर भागने की कोशिश कर सकता है। विनीत के साथ ‘चार्ल्स’ नाम के एक और व्यक्ति की तलाश की जा रही है। इस मामले में लखनऊ पुलिस ने कोलकाता और गुजरात पुलिस से भी मदद मांगी है। पकड़े गए लोगों के बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है ताकि पता चल सके कि पैसा कहां-कहां गया है।