UP: लखनऊ की मोहनलालगंज पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त का धंधा कर रहा था। यह गैंग लड़कियों की फोटो WhatsApp पर भेजकर उनकी बोली लगवाता था और फिर उन्हें राजस्थान भेज
UP: लखनऊ की मोहनलालगंज पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त का धंधा कर रहा था। यह गैंग लड़कियों की फोटो WhatsApp पर भेजकर उनकी बोली लगवाता था और फिर उन्हें राजस्थान भेज दिया जाता था। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक महिला भी शामिल है।
कैसे काम करता था यह पूरा गिरोह?
पुलिस जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क साल 2020 से उत्तर प्रदेश और राजस्थान के बीच चल रहा था। आरोपी प्रिया पटेल, सोनम और उसके पति भूपेंद्र चौधरी के संपर्क में थी। ये लोग गरीब और अनाथ लड़कियों को निशाना बनाते थे क्योंकि उनके घर वालों का पुलिस तक पहुंचना मुश्किल होता था। लड़कियों को नौकरी, घुमाने-फिराने या तोहफों का लालच देकर फुसलाया जाता था। इसके बाद उन्हें रायबरेली ले जाया जाता, नए कपड़े पहनाकर उनकी फोटो खींची जाती और WhatsApp के जरिए राजस्थान में ग्राहकों को भेजी जाती थी।
कितने लोग गिरफ्तार हुए और क्या है मामला?
मोहनलालगंज पुलिस ने सर्विलांस की मदद से 3 जून 2026 को अतरौली क्रॉसिंग के पास से अनुराग यादव (25), मोहम्मद अख्तर (32), प्रिया पटेल उर्फ शीला (23) और एक 17 साल के किशोर को पकड़ा। यह पूरा मामला तब खुला जब 12 मई 2026 को गनियार गांव की एक महिला ने अपनी दो पोतियों (16 और 12 साल) की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 18 मई को दोनों लड़कियों को सुरक्षित बचा लिया।
कितने रुपयों में होती थी लड़कियों की डील?
अतिरिक्त DCP (दक्षिण) वसंत कुमार रल्लापल्ली और DCP अमित कुमार आनंद ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी प्रिया पटेल ने कबूल किया है कि वह प्रति लड़की 1 लाख से 1.5 लाख रुपये लेती थी। राजस्थान के कोटा में बैठे सोनम और भूपेंद्र चौधरी के साथ मिलकर इन लड़कियों की ‘शादी’ के नाम पर डील तय की जाती थी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है और आगे की कार्रवाई जारी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह गैंग किन लड़कियों को अपना निशाना बनाता था?
यह गिरोह मुख्य रूप से गरीब, अनाथ या आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाता था, ताकि उनके गायब होने पर पुलिस तक शिकायत पहुंचने में देरी हो।
पुलिस ने इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है?
मोहनलालगंज पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों और एक किशोर को गिरफ्तार किया है। साथ ही, गायब हुई दो नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बचा लिया गया है और राजस्थान के कोटा में बैठे मुख्य हैंडलर्स की तलाश जारी है।