Lucknow में फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़, अमेरिका के लोगों को ठगने वाले मास्टरमाइंड समेत 4 गिरफ्तार

Lucknow: लखनऊ के विभूतिखंड इलाके में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह फर्जी Apple Customer Support बनकर अमेरिका के नागरिकों से लाखों रुपये ठग रहा था। पुलिस ने इस मामले में मास्

Lucknow: लखनऊ के विभूतिखंड इलाके में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह फर्जी Apple Customer Support बनकर अमेरिका के नागरिकों से लाखों रुपये ठग रहा था। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया है।

यह पूरी कार्रवाई 22 जुलाई 2026 की रात को की गई। डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा ने 23 जुलाई की दोपहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह फर्जी कॉल सेंटर विभूतिखंड की साइबर हाइट बिल्डिंग की चौथी मंजिल के फ्लैट नंबर 420A में चल रहा था। पुलिस ने मौके से मास्टरमाइंड सूरज त्रिपाठी, उसके रिश्तेदार विवेक पांडेय और राहुल त्रिपाठी के साथ मुंबई के तकनीकी एक्सपर्ट आकाश अरुण दत्ता उर्फ रिक्की को गिरफ्तार किया है।

ठगी करने का तरीका बहुत शातिर था। गिरोह गूगल पर विज्ञापन के जरिए फर्जी एप्पल सपोर्ट वेबसाइट चलाता था। जब अमेरिकी नागरिक मदद के लिए दिए गए नंबर पर कॉल करते थे, तो वीओआईपी (VOIP) सिस्टम के जरिए कॉल लखनऊ पहुंच जाती थी। यहां एजेंट खुद को कंपनी का अधिकारी बताते थे। इसके बाद कॉल को दूसरे व्यक्ति के पास भेजा जाता था, जो खुद को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट या FTC का अधिकारी बताकर पीड़ितों को डराता था और उनसे गिफ्ट कार्ड, सोना या कैश के रूप में पैसे ऐंठ लेता था।

पैसे के लेन-देन को छिपाने के लिए यह गिरोह हवाला का इस्तेमाल करता था। अमेरिका में मौजूद सदस्य पैसे जमा करते थे और फिर उसे लखनऊ भेजा जाता था। कर्मचारियों को भी नकद वेतन दिया जाता था ताकि बैंक रिकॉर्ड में कुछ न आए। छापे के दौरान पुलिस को वहां 35 वर्क स्टेशन मिले, जहां अलग-अलग राज्यों के एजेंट काम कर रहे थे।

विवरण जानकारी
गिरफ्तार आरोपी सूरज त्रिपाठी, विवेक पांडेय, राहुल त्रिपाठी, आकाश अरुण दत्ता
ठगी का केंद्र फ्लैट नंबर 420A, साइबर हाइट, विभूतिखंड, लखनऊ
मुख्य टारगेट संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के नागरिक
कुल वर्क स्टेशन 35 (जिसमें उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात समेत कई राज्यों के एजेंट थे)
बरामद सामान लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण