UP: लखनऊ की मोहनलालगंज पुलिस ने जिलाबदर आदेश का उल्लंघन करने वाले दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। मोहित कुमार और सारिख खान उर्फ शारिक को पुलिस ने उनके घर के पास से पकड़ा। इन दोनों को बिना अनुमति के जिले की सीमा में घुस
UP: लखनऊ की मोहनलालगंज पुलिस ने जिलाबदर आदेश का उल्लंघन करने वाले दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। मोहित कुमार और सारिख खान उर्फ शारिक को पुलिस ने उनके घर के पास से पकड़ा। इन दोनों को बिना अनुमति के जिले की सीमा में घुसने के आरोप में जेल भेज दिया गया है।
कैसे हुई इन दोनों की गिरफ्तारी
मोहनलालगंज पुलिस कनकहा मोड़ पर संदिग्ध लोगों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि जिलाबदर अपराधी अपने इलाके में घूम रहे हैं। इंस्पेक्टर ब्रजेश कुमार तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गांव पहुंचकर मोहित कुमार के घर के बाहर से दोनों आरोपियों को धर दबोचा। यह कार्रवाई 27 और 28 मई की दरमियानी रात को की गई।
क्यों आए थे अपराधी वापस लखनऊ
पूछताछ के दौरान दोनों ने अलग-अलग वजह बताई। सारिख खान ने कहा कि वह बकरीद का त्योहार मनाने अपने घर आया था। वहीं मोहित कुमार ने अपनी पत्नी से मिलने की बात कही। हालांकि, कानूनन उन्हें छह महीने के लिए जिलाबदर किया गया था, जिसका मतलब है कि वे बिना अनुमति के जिले में नहीं आ सकते थे।
अपराधियों का पुराना रिकॉर्ड क्या है
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इन दोनों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। सारिख खान पर लूट, मारपीट, धमकी, एससी-एसटी एक्ट और आईटी एक्ट के कई केस दर्ज हैं। मोहित कुमार पर बलवा, आगजनी, मारपीट और धमकी देने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। दोनों को उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3/10 के तहत गिरफ्तार किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जिलाबदर का क्या मतलब होता है?
जिलाबदर का मतलब है कि किसी अपराधी को एक निश्चित समय के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने का आदेश दिया गया है। यदि वह व्यक्ति बिना अनुमति के वापस आता है, तो उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है।
गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम क्या हैं?
लखनऊ पुलिस ने मोहित कुमार (29 वर्ष) और सारिख खान उर्फ शारिक (24 वर्ष) को गिरफ्तार किया है।