Lucknow में PNG कनेक्शन अनिवार्य, 3 महीने में आवेदन न करने पर बंद होगी LPG सप्लाई
Lucknow: लखनऊ के उन इलाकों में जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा शुरू हो चुकी है, वहां अब एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करना मुश्किल होगा। सरकार ने नियम बनाया है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क मौजूद है, वहां के उप
Lucknow: लखनऊ के उन इलाकों में जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा शुरू हो चुकी है, वहां अब एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल करना मुश्किल होगा। सरकार ने नियम बनाया है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी नेटवर्क मौजूद है, वहां के उपभोक्ताओं को नोटिस मिलने के तीन महीने के भीतर पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा। अगर कोई ग्राहक इस समय सीमा में आवेदन नहीं करता है, तो उसकी एलपीजी आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इसके लिए ‘प्राकृतिक गैस तथा पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026’ जारी किया है। नियम के मुताबिक, जिन लोगों के पास पहले से पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा। शहर की करीब 95 सोसायटियों और अपार्टमेंट्स को पहले ही 90 दिनों का अल्टीमेटम दिया जा चुका है। ग्रीन गैस लिमिटेड (GGL) ने उन 42 घरों को नोटिस भेजा है जहां पाइपलाइन होने के बावजूद कनेक्शन नहीं लिया गया था।
कनेक्शन की लागत और सुविधाओं को लेकर अधिकारियों ने कुछ जरूरी बातें साफ की हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मानक शुल्क | ₹6,000 (रसोई के एक कनेक्शन के लिए) |
| शामिल फिटिंग | 15 मीटर तक की GI फिटिंग फ्री |
| अतिरिक्त शुल्क | 15 मीटर से ज्यादा पाइपलाइन होने पर अलग से चार्ज लगेगा |
| निगरानी एजेंसी | पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (PNGRB) |
इस सुविधा का विस्तार अब रेलवे कॉलोनियों में भी होगा। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल और गेल इंडिया लिमिटेड के बीच एक समझौता (MoU) हुआ है। मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने बताया कि इससे कर्मचारियों को सुरक्षित और बिना रुकावट गैस मिलेगी और सिलेंडर बदलने की झंझट खत्म होगी। गेल इंडिया के महाप्रबंधक सुशील कुमार ने कहा कि पीएनजी से बुकिंग और स्टोरेज जैसी परेशानियों से राहत मिलेगी। उत्तर प्रदेश में इस अभियान को तेजी से बढ़ाया जा रहा है और मार्च 2027 तक 16 लाख से ज्यादा कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है।