Lucknow में राज्यपाल और डिप्टी सीएम करेंगे पौधरोपण, वहीं सर्विस रोड के लिए निवासियों ने मनाया ‘कीचड़ महोत्सव’
Lucknow: राजधानी लखनऊ में रविवार, 12 जुलाई को एक तरफ जहां पर्यावरण को बचाने के लिए बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान लोग अनोखे तरीके से अपना विरोध जता रहे हैं।
Lucknow: राजधानी लखनऊ में रविवार, 12 जुलाई को एक तरफ जहां पर्यावरण को बचाने के लिए बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान लोग अनोखे तरीके से अपना विरोध जता रहे हैं। शहर में राज्यपाल और उपमुख्यमंत्री समेत कई बड़े नेता पौधे लगाएंगे, जबकि कुर्सी रोड के निवासी खराब सड़क के विरोध में ‘कीचड़ महोत्सव’ आयोजित कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ थीम के तहत एक बड़ा लक्ष्य रखा है। इस अभियान के जरिए उत्तर प्रदेश में एक ही दिन में 35 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाकर नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। लखनऊ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सुबह 10 बजे जनभवन में और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक कुकरैल फेज-2 में पौधरोपण करेंगे। इसके अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी लखनऊ विश्वविद्यालय और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में पौधे लगाएंगे। पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना भी इस अभियान का हिस्सा हैं।
इस महाअभियान में कुल 26 सरकारी विभाग शामिल हैं और करीब 25 करोड़ लोगों की भागीदारी तय की गई है। सरकार ने इसके लिए 2600 से ज्यादा नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार किए हैं। इसमें पीपल, बरगद, नीम, आम और जामुन जैसी स्थानीय जलवायु के अनुकूल प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई है। इस पूरे अभियान को एक ‘ग्रीन उत्सव’ की तरह मनाया जा रहा है और इसकी जानकारी ऑनलाइन सॉफ्टवेयर पर अपलोड की जाएगी।
दूसरी तरफ, कुर्सी रोड स्थित सरगम, सृष्टि, स्मृति, जनेश्वर और सुलभ अपार्टमेंट के निवासी अपनी समस्याओं को लेकर आक्रोशित हैं। यहां के निवासी पिछले तीन साल से सर्विस रोड के निर्माण और रखरखाव की मांग कर रहे हैं। सड़क की हालत इतनी खराब है कि वह तालाब बन चुकी है और वहां डेढ़ से दो फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं।
अपनी मांग मनवाने के लिए सरगम अपार्टमेंट आरडब्ल्यूए ने सुबह 11 बजे ‘कीचड़ महोत्सव’ का आयोजन किया। निवासियों ने एलडीए के अधिकारियों, जिनमें अवर सचिव सी.पी. त्रिपाठी और एक्सईएन मनीष कुलश्रेष्ठ शामिल हैं, को इस महोत्सव में आने का व्यंग्यात्मक निमंत्रण भेजा है ताकि वे खुद मौके पर आकर कीचड़ और गड्ढों की स्थिति देख सकें। स्थानीय लोगों का कहना है कि 22 अप्रैल 2026 को एलडीए ने टेंडर खुलने की बात कही थी, लेकिन अब तक जमीन पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है।