UP : लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र के कल्ली पश्चिम इलाके में जमीन और पैतृक संपत्ति को लेकर दो परिवारों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस विवाद में लाठी-डंडों का जमकर इस्तेमाल हुआ, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। पुलि
UP : लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र के कल्ली पश्चिम इलाके में जमीन और पैतृक संपत्ति को लेकर दो परिवारों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस विवाद में लाठी-डंडों का जमकर इस्तेमाल हुआ, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने दोनों तरफ से मिली शिकायतों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
क्या है पूरा मामला और कब हुई घटना
यह विवाद तिवारी गौतम और बाबूलाल के परिवारों के बीच हुआ। तिवारी गौतम का आरोप है कि 15 मई 2026 की रात करीब एक बजे बाबूलाल और उनके 13 साथी कुछ अज्ञात लोगों के साथ लाठी-डंडे लेकर उनके घर में घुस आए और हमला कर दिया, जिससे उनके सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। वहीं, बाबूलाल का कहना है कि 16 मई 2026 की शाम को तिवारी गौतम अपने साथियों के साथ उनके भाई के घर पहुंचे, ताला तोड़ा और वहां मौजूद महिलाओं समेत कई लोगों को पीटा। इस हमले में एक युवक की हालत गंभीर होने पर उसे KGMU के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की
पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों की तहरीर पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। तिवारी गौतम की शिकायत पर 13 नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। दूसरी तरफ, बाबूलाल की तहरीर पर 22 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने सभी घायलों की मेडिकल जांच कराई है और अब आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
पैतृक संपत्ति विवाद और नियम
भारत में पैतृक संपत्ति वह होती है जो हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) में तीन पीढ़ियों से चली आ रही हो। साल 2005 के संशोधन के बाद अब महिलाओं को भी इसमें बराबर का हक मिलता है। उत्तर प्रदेश सरकार अब इन विवादों को कम करने के लिए नियमों में बदलाव पर विचार कर रही है, जिसमें स्टांप शुल्क को कम करने की योजना है ताकि लोग आपसी सहमति या कानूनी तरीके से बंटवारा कर सकें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ के कल्ली पश्चिम में विवाद का मुख्य कारण क्या था?
यह विवाद तिवारी गौतम और बाबूलाल के परिवारों के बीच जमीन और पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर हुआ, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमले के आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने इस मामले में अब तक क्या कदम उठाए हैं?
पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। तिवारी गौतम की तहरीर पर 13 नामजद लोगों और बाबूलाल की तहरीर पर 22 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।