UP : लखनऊ में शुक्रवार सुबह से ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और कच्चे तेल के दाम बढ़ने की वजह से तेल कंपनियों ने कीमतें बढ़ा दी हैं। इस फैसले से आम लोगों के साथ-साथ ट
UP : लखनऊ में शुक्रवार सुबह से ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और कच्चे तेल के दाम बढ़ने की वजह से तेल कंपनियों ने कीमतें बढ़ा दी हैं। इस फैसले से आम लोगों के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और छोटे व्यापारियों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
Lucknow में पेट्रोल, डीजल और CNG के नए दाम क्या हैं?
सरकारी तेल कंपनियों ने शुक्रवार 15 मई, 2026 की सुबह 6 बजे से नई दरें लागू कर दी हैं। लखनऊ में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 3 रुपये की वृद्धि हुई है। वहीं CNG के दामों में भी बदलाव देखा गया है।
| ईंधन |
कीमत में बढ़ोतरी |
संभावित नई कीमत (प्रति लीटर/किग्रा) |
| Petrol |
3.14 रुपये |
97.77 रुपये |
| Diesel |
3.11 रुपये |
90.67 रुपये |
| CNG |
2 रुपये |
98 रुपये |
कीमतें बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?
केंद्र सरकार और तेल कंपनियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है और भारतीय रुपया कमजोर हुआ है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और घरेलू कीमतों के बीच अंतर बढ़ने से तेल कंपनियों को भारी वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा था। सरकार का कहना है कि अंडर रिकवरी के कारण कंपनियों को रोजाना करीब 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा था, जिसे कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
आम जनता और कारोबारियों पर क्या होगा असर?
ईंधन के दाम बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ जाएगी, जिससे रोजमर्रा के सामानों और सब्जियों की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है। ट्रांसपोर्टरों और छोटे व्यापारियों के लिए यह आर्थिक बोझ बढ़ा देगा। हालांकि, ग्रीन गैस लिमिटेड के एजीएम प्रवीण सिंह ने साफ किया है कि लखनऊ, अयोध्या, सुल्तानपुर, उन्नाव और आगरा जैसे शहरों में CNG के पुराने दाम ही लागू रहेंगे, जबकि अन्य जगहों पर संशोधित दरें प्रभावी होंगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में पेट्रोल और डीजल के दाम कब से बढ़े हैं?
लखनऊ में पेट्रोल और डीजल की नई दरें शुक्रवार, 15 मई 2026 की सुबह 6 बजे से लागू हो गई हैं।
कीमतें बढ़ने का सबसे बड़ा कारण क्या है?
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और रुपये की कमजोरी की वजह से तेल कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं।