Lucknow में 44 मृत बिजली कर्मचारियों को दी गई श्रद्धांजलि, संगठन ने UPPCL पर लगाया लापरवाही का आरोप
Lucknow: राजधानी के इको गार्डन में शुक्रवार को एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यहाँ उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) में काम करने वाले उन 44 आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों को याद किया गया, जिनकी जान ड्यूटी के दौरान
Lucknow: राजधानी के इको गार्डन में शुक्रवार को एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यहाँ उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) में काम करने वाले उन 44 आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों को याद किया गया, जिनकी जान ड्यूटी के दौरान हुए हादसों में चली गई। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा व संविदा कर्मचारी संघ ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया और विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
संगठन का आरोप है कि पिछले 107 दिनों के भीतर कुल 82 बड़े हादसे हुए, जिनमें 44 कर्मचारियों की मौत हो गई और 38 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। संघ के राज्य महासचिव देवेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों ने उनकी मांगों और चिंताओं को नजरअंदाज किया है। उन्होंने बताया कि कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद कर्मचारियों की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है।
यूनियन ने नियमों की अनदेखी का मुद्दा भी उठाया। उनके मुताबिक बोर्ड के नियमों के अनुसार केवल लाइनमैन को ही खंभों पर चढ़ने की अनुमति है। लेकिन लाइनमैनों की भारी कमी और 55 साल से अधिक उम्र के कुशल मजदूरों को हटाए जाने की वजह से अब बिना ट्रेनिंग वाले अकुशल कर्मचारियों को 25 से 30 फीट की ऊंचाई पर 220V से लेकर 33000V तक की हाई-वोल्टेज लाइनों पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। सुरक्षा उपकरणों की कमी और स्टाफ की किल्लत की वजह से ये हादसे बढ़ रहे हैं।
दूसरी तरफ, UPPCL के चेयरमैन डॉ. आशीष कुमार गोयल ने 7 अगस्त 2026 को सभी डिस्कॉम को सख्त निर्देश दिए थे कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सुरक्षा मानकों का 100% पालन किया जाए। उन्होंने आदेश दिया कि सभी सबस्टेशनों पर शिफ्ट ड्यूटी रोस्टर लगाया जाए और नियमित शिफ्ट के बाहर काम करने वालों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य हो। इसके अलावा, दिसंबर 2024 में विभाग ने यह तय किया था कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले आउटसोर्स कर्मचारियों के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।