Lucknow में आउटसोर्स कर्मचारियों का विधानसभा में प्रदर्शन, वेतन और सुविधाओं को लेकर जताया विरोध
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन 6 जुलाई, 2026 को हुआ, जिसमें कर्मचारियों ने सरकार से अपनी लंबित समस्याओं के जल्द स
Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन 6 जुलाई, 2026 को हुआ, जिसमें कर्मचारियों ने सरकार से अपनी लंबित समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। कर्मचारी मुख्य रूप से वेतन विसंगतियों और सुविधाओं के अभाव से नाराज दिखे।
कर्मचारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने न्यूनतम वेतन वृद्धि और अन्य सुविधाओं का वादा किया था, लेकिन वह धरातल पर पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारी ‘समान काम-समान वेतन’ की मांग कर रहे हैं और चाहते हैं कि उन्हें तत्काल ईएसआई (ESIC) और आईडी कार्ड जारी किए जाएं। इसके अलावा, पीएफ और ईएसआई अंशदान को समय पर जमा करने की मांग भी उठाई गई है।
गौरतलब है कि सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण को रोकने के लिए ‘उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम’ (UPCOS) का गठन किया है। यह व्यवस्था 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी हुई है। सरकारी नियमों के मुताबिक, अब हर महीने की 5 तारीख तक वेतन सीधे बैंक खातों में जमा होना चाहिए और कुल वेतन का कम से कम 50% मूल वेतन होना अनिवार्य है।
सरकार ने कर्मचारियों के लिए काम के घंटे प्रतिदिन 8 से 9 तय किए हैं और 6 दिन के काम के बाद 1 दिन का सवेतनिक अवकाश देना अनिवार्य किया है। इसके साथ ही, अकुशल श्रमिकों के लिए 11,000 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 13,500 रुपये से अधिक न्यूनतम वेतन निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने पहले यह भी कहा था कि युवाओं को 16,000 से 20,000 रुपये सीधे उनके खाते में मिलेंगे।
कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि इन घोषणाओं के बावजूद कई विभागों में अभी भी बिचौलियों का प्रभाव है और उन्हें समय पर लाभ नहीं मिल रहा है। इसी असंतोष के कारण पिछले कुछ समय से रायबरेली और फतेहपुर जैसे जिलों के बाद अब लखनऊ में भी प्रदर्शन तेज हो गए हैं।