Lucknow में आउटसोर्स कर्मचारियों का शक्ति भवन पर प्रदर्शन, ₹18,000 न्यूनतम वेतन और बहाली की मांग

Lucknow: यूपी पावर कॉरपोरेशन के हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर शक्ति भवन पर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारी संघ के नेताओं का कहना है कि प्रबंधन अपने ही आदेशों का उल्लंघन कर रहा है और बड़ी संख्या में कर

Lucknow: यूपी पावर कॉरपोरेशन के हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर शक्ति भवन पर जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारी संघ के नेताओं का कहना है कि प्रबंधन अपने ही आदेशों का उल्लंघन कर रहा है और बड़ी संख्या में कर्मचारियों को काम से हटाया जा रहा है। 29 जुलाई को प्रबंध निदेशक के साथ हुई बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकला, जिसके बाद कर्मचारियों ने अपना आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।

यह विरोध प्रदर्शन 27 जुलाई से शुरू हुआ था, जब करीब 25 हजार कर्मचारियों ने धरने की घोषणा की थी। 28 जुलाई को जब संविदा कर्मचारियों ने शक्ति भवन का घेराव किया, तो उन्हें हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया गया, जहां उन्होंने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया। इस आंदोलन का असर सिर्फ राजधानी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ओरई और कोंच में भी बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज प्रभावित हुआ।

कर्मचारियों की मांगों में सबसे प्रमुख न्यूनतम मासिक वेतन को ₹18,000 करना है। उनका आरोप है कि 2017 से अब तक करीब 25 हजार और 2023 से 30 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है, जिन्हें वापस बहाल किया जाना चाहिए। इसके अलावा, सुरक्षा उपकरणों की कमी और ईपीएफ घोटाले की जांच जैसे गंभीर मुद्दे भी उठाए गए हैं।

प्रमुख मांगें और मुद्दे विवरण
न्यूनतम वेतन मासिक वेतन कम से कम ₹18,000 निर्धारित हो
नौकरी की बहाली हटाए गए हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों को वापस लिया जाए
सुरक्षा और मुआवजा हादसों में जान गंवाने वालों को मुआवजा और उचित सुरक्षा उपकरण मिलें
स्वास्थ्य सुविधा घायल कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार की व्यवस्था हो
जांच और भुगतान EPF घोटाले की निष्पक्ष जांच और बकाए वेतन का भुगतान हो
सेवा शर्तें लंबित पदोन्नति, स्थायीकरण और ACP मामलों का निस्तारण हो

सरकारी नियमों की बात करें तो सितंबर 2025 में यूपी मंत्रिमंडल ने आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय को ₹16,000 से ₹20,000 के बीच रखने की मंजूरी दी थी। 1 अप्रैल 2026 से लागू आदेशों के अनुसार, चपरासी और चौकीदार जैसे पदों के लिए न्यूनतम मानदेय ₹18,000 तय किया गया है। साथ ही, नए नियमों के मुताबिक 6 दिन काम के बाद एक सवेतनिक अवकाश अनिवार्य है और किसी भी एजेंसी द्वारा कर्मचारियों को मनमाने ढंग से हटाने के लिए विभाग की अनुमति जरूरी है।