Lucknow में सस्ता रूम दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, पीजी और हॉस्टल की फर्जी लिस्टिंग से लोग हो रहे शिकार

Lucknow: राजधानी लखनऊ में कम किराए पर कमरा, पीजी या हॉस्टल दिलाने का लालच देकर लोगों से ठगी की जा रही है। साइबर अपराधी फेसबुक, इंस्टाग्राम और प्रॉपर्टी पोर्टल्स पर सस्ते कमरों के फर्जी विज्ञापन डाल रहे हैं। लोग इन विज्ञा

Lucknow: राजधानी लखनऊ में कम किराए पर कमरा, पीजी या हॉस्टल दिलाने का लालच देकर लोगों से ठगी की जा रही है। साइबर अपराधी फेसबुक, इंस्टाग्राम और प्रॉपर्टी पोर्टल्स पर सस्ते कमरों के फर्जी विज्ञापन डाल रहे हैं। लोग इन विज्ञापनों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं।

ठग लोग खुद को मकान मालिक या प्रॉपर्टी डीलर बताते हैं। कई मामलों में अपराधी भारतीय सेना के अधिकारी या NSG कमांडो बनकर लोगों का भरोसा जीतते हैं। वे बुकिंग अमाउंट, सिक्योरिटी डिपॉजिट या वेरिफिकेशन के नाम पर एडवांस पैसे मांगते हैं और पैसे मिलते ही गायब हो जाते हैं। कुछ मामलों में व्हाट्सएप पर क्यूआर कोड या फर्जी लिंक भेजकर बैंक खातों से पैसे निकाल लिए जाते हैं।

तारीख ठगी की राशि मामला/तरीका
27 जून 2026 ₹1 लाख होमस्टे बुकिंग के नाम पर व्हाट्सएप QR कोड से ठगी
8 जनवरी 2026 ₹20,000 Housing.com पर फर्जी विज्ञापन के जरिए ठगी
3 अक्टूबर 2025 ₹90,000 प्रॉपर्टी डीलर बनकर बुकिंग के नाम पर ठगी
5 अगस्त 2025 ₹40,000 आर्मी ऑफिसर बनकर घर किराए पर लेने के नाम पर ठगी
5 जुलाई 2025 ₹5.38 लाख NSG कमांडो बनकर मकान मालिक से ठगी
28 फरवरी 2024 ₹1.38 लाख NSG कमांडो बनकर व्हाट्सएप लिंक से पैसे निकाले

साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर ब्रजेश यादव ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को ऑनलाइन पैसे न भेजें और अपनी पहचान वेरिफाई जरूर करें। पूर्व IPS प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह ने बताया कि ठग अक्सर जल्दबाजी और गोपनीयता का दबाव बनाकर लोगों को मनोवैज्ञानिक रूप से फंसाते हैं। वहीं JCP अमित वर्मा ने मकान मालिकों को निर्देश दिया है कि वे किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं ताकि अपराधियों पर लगाम कसी जा सके। लखनऊ पुलिस ने सलाह दी है कि किसी भी संदिग्ध ऑफर की तुरंत रिपोर्ट करें और बिना आधिकारिक पुष्टि के डिजिटल पेमेंट न करें।