Lucknow के ओमेक्स रेजीडेंसी में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, अमेरिका के लोगों को ठगने वाले 8 लोग पकड़े गए

Lucknow: राजधानी के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक बड़े फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। ओमेक्स रेजीडेंसी में चल रहे इस सेंटर से साइबर ठग अमेरिका के नागरिकों को अपना शिकार बना रहे

Lucknow: राजधानी के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में पुलिस और क्राइम ब्रांच ने एक बड़े फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। ओमेक्स रेजीडेंसी में चल रहे इस सेंटर से साइबर ठग अमेरिका के नागरिकों को अपना शिकार बना रहे थे। पुलिस ने गुरुवार रात और शुक्रवार तड़के की गई छापेमारी में आठ लोगों को हिरासत में लिया है।

यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण द्वारा साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे ‘साइबर वज्र’ अभियान के तहत की गई। एडीसीपी क्राइम किरण यादव के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच, साइबर सेल और एसओजी की टीमों ने रात करीब 1 बजे धावा बोला, जो सुबह 5 बजे तक चला। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल फोन जैसे डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं।

डीसीपी अपराध अनिल कुमार यादव ने बताया कि यह गिरोह VoIP तकनीक और खास सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर अमेरिका के लोगों को कॉल करता था। आरोपी खुद को माइक्रोसॉफ्ट सपोर्ट, साइबर सिक्योरिटी एजेंसी या फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) का अधिकारी बताते थे। वे फर्जी सरकारी दस्तावेज भेजकर लोगों को डराते थे और फिर उनसे पैसे ऐंठते थे।

जांच में पता चला कि यह गिरोह ‘ओपनर’ और ‘क्लोजर’ मॉडल पर काम करता था। इसमें ‘ओपनर’ का काम ग्राहकों से संपर्क करना था, जबकि ‘क्लोजर’ ठगी की पूरी प्रक्रिया को अंजाम देकर पैसे वसूलता था। पुलिस ने पुनीत वर्मा और देवेंद्र पटेल समेत सात नामजद अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अहमदाबाद और कोलकाता के रहने वाले लोग शामिल हैं।

नाम उम्र शहर
पुनीत कुमार वर्मा 34 अहमदाबाद
मोहम्मद सोहेल 29 कोलकाता
मोहम्मद शाहनवाज आलम 29 कोलकाता
मो. इमरान 26 कोलकाता
मो. रियाज 35 कोलकाता
दीपेन चंद्र कांत पटेल 41 अहमदाबाद
सज्जाद हुसैन उर्फ सरफराज 27 कोलकाता

पुलिस अब जब्त किए गए डेटा की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक कितने लोग इस ठगी का शिकार हुए हैं। साथ ही इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड और पैसों के लेन-देन के रास्तों की भी तलाश की जा रही है।