UP : लखनऊ के कैसरबाग इलाके में स्थित पुराने हाईकोर्ट परिसर के बाहर रविवार को नगर निगम ने बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर हुई इस कार्रवाई में वकीलों के चैंबर और कई दुकानें तोड़ द
UP : लखनऊ के कैसरबाग इलाके में स्थित पुराने हाईकोर्ट परिसर के बाहर रविवार को नगर निगम ने बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर हुई इस कार्रवाई में वकीलों के चैंबर और कई दुकानें तोड़ दी गईं। इस दौरान मौके पर काफी तनाव रहा और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा।
क्यों हुई यह कार्रवाई और क्या था कोर्ट का आदेश?
यह पूरा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस राजीव भारती की पीठ के 11 मार्च 2026 के आदेश से जुड़ा है। कोर्ट ने नगर निगम को अतिक्रमण हटाने और प्रशासन को इसमें सहयोग करने का निर्देश दिया था। नगर निगम ने 16 मई तक नोटिस जारी कर लाल निशान लगा दिए थे, जिसके बाद 17 मई को सुबह 9 बजे से बुलडोजर चलाया गया। इस अभियान में फोटोकॉपी, टाइपिंग और खाने-पीने की अवैध दुकानों समेत करीब 240 चैंबर गिराए गए।
वकीलों का विरोध और मौके पर हुआ हंगामा
कार्रवाई के दौरान अधिवक्ताओं ने जमकर विरोध किया। वकीलों का दावा है कि कोर्ट ने केवल 72 चैंबर हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने 240 दुकानों और चैंबरों को तोड़ दिया। हंगामे के दौरान वकीलों ने बुलडोजर के सामने बैठकर प्रदर्शन किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। तनाव इतना बढ़ गया कि एक युवा वकील ने अपने चैंबर में खुद को बंद कर फांसी लगाने की धमकी दी।
आगे क्या होगा और अब क्या है मांग?
इस कार्रवाई के विरोध में सेंट्रल बार और अधिवक्ता संघ ने 18 और 19 मई को दो दिवसीय कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है। समाजवादी पार्टी ने भी इस कार्रवाई की निंदा की है और वकीलों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है। अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 25 मई 2026 को होगी, जिसमें नगर निगम को की गई कार्रवाई की रिपोर्ट अदालत में पेश करनी होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में पुराने हाईकोर्ट के बाहर बुलडोजर की कार्रवाई कब हुई?
यह कार्रवाई रविवार, 17 मई 2026 को सुबह 9 बजे से शुरू हुई, जो इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर की गई थी।
इस अभियान में कुल कितने चैंबर और दुकानें तोड़ी गईं?
प्रशासन के अनुसार लगभग 240 अवैध चैंबर और दुकानें ध्वस्त की गईं, हालांकि वकीलों का दावा है कि आदेश केवल 72 चैंबर हटाने का था।