Lucknow के होटल में 22 साल के वैज्ञानिक राहुल सिंह का शव मिला, सौर ऊर्जा से चलने वाला ट्रैक्टर बनाया था

Lucknow: राजधानी लखनऊ के विभूतिखंड इलाके में स्थित Novotel होटल में 22 साल के युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह का शव मिलने से सनसनी फैल गई। राहुल मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) के डिजाइन इनोवेटर और इन्क्यूबे

Lucknow: राजधानी लखनऊ के विभूतिखंड इलाके में स्थित Novotel होटल में 22 साल के युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह का शव मिलने से सनसनी फैल गई। राहुल मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (MMMUT) के डिजाइन इनोवेटर और इन्क्यूबेशन सेंटर में शोध कर रहे थे। वह 13 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 1:30 बजे होटल में चेक-इन किए थे, जिसके बाद 14 जुलाई को संदिग्ध हालात में उनका शव बरामद हुआ।

विभूतिखंड की ACP सौम्या पांडे ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शुरुआती तौर पर डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग या अचानक हार्ट अटैक को मौत की वजह बताया है। फॉरेंसिक टीम ने कमरे से खाने-पीने के नमूने और अन्य सबूत जुटाए हैं। होटल के CCTV फुटेज की जांच में राहुल के कमरे में किसी अन्य व्यक्ति के जाने के सबूत नहीं मिले हैं। पुलिस उनके संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ कर रही है। परिवार ने फिलहाल किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है।

राहुल सिंह मूल रूप से महराजगंज जिले के सिसवा बाजार के बीजापार आसमान छपरा गांव के रहने वाले थे। वह अपनी उम्र से कहीं ज्यादा समझदार और प्रतिभाशाली थे। उन्होंने कई ऐसे आविष्कार किए जो किसानों और आम लोगों के काम आ सकते थे।

राहुल के प्रमुख आविष्कारों की जानकारी नीचे दी गई है:

आविष्कार खासियत
इको-फ्रेंडली ट्रैक्टर सौर ऊर्जा से चलता था, अलग से चार्ज करने की जरूरत नहीं थी और 3 घंटे में एक एकड़ जुताई कर सकता था।
उन्नत ड्रोन 16 साल की उम्र में आपदा राहत के लिए बनाया था, जिसकी लागत केवल 80,000 रुपये थी।
ऑटोमैटिक रोटी मेकर साल 2018 में इसका आविष्कार किया था।
इको-फ्रेंडली साइकिल साल 2019 में बैटरी से चलने वाली साइकिल बनाई थी।

अपनी उपलब्धियों की वजह से उन्हें ‘ड्रोन मैन’ के नाम से भी जाना जाता था। उन्होंने 13 साल की उम्र से लगातार तीन सालों तक इंडिया इंटरनेशनल साइंस फेस्टिवल में पहला स्थान पाया था। राहुल के पिता संजय सिंह, मां रासमुनि देवी और दो भाई-बहन हैं। इस घटना के बाद से उनकी मां गहरे सदमे में हैं।