Lucknow को तोहफा, 300 नई ई-सिटी बसें और 3 नए बस अड्डे, जाम से मिलेगी बड़ी राहत
Lucknow: लखनऊ के लोगों के लिए सफर आसान होने वाला है। शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए 300 नई एसी ई-सिटी बसें चलाने की तैयारी है। इन बसों के बेहतर संचालन के लिए नगरीय परिवहन विभाग शहर में तीन नए बस अड्डे बन
Lucknow: लखनऊ के लोगों के लिए सफर आसान होने वाला है। शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए 300 नई एसी ई-सिटी बसें चलाने की तैयारी है। इन बसों के बेहतर संचालन के लिए नगरीय परिवहन विभाग शहर में तीन नए बस अड्डे बनाने जा रहा है, ताकि यात्रियों को सुविधा मिले और सड़कों पर भीड़ कम हो सके।
अभी लखनऊ में 115 ई-सिटी बसें चल रही हैं, लेकिन इन सबके लिए सिर्फ दुबग्गा में एक ही डिपो है। इस वजह से अक्सर ट्रैफिक जाम लग जाता है और देर रात बसों की कमी महसूस होती है। अब शहर को तीन हिस्सों में बांटा जाएगा और हर हिस्से से 100-100 बसें नए अड्डों से चलाई जाएंगी। विभाग ने इसके लिए लखनऊ-कानपुर रोड (गंगा एक्सप्रेस-वे के पास), लखनऊ-सुल्तानपुर रोड (किसान पथ के पास) और लखनऊ-अयोध्या रोड (कुर्सी रोड के पास) जमीन की तलाश शुरू कर दी है।
इसके अलावा, वृंदावन योजना के सेक्टर-9 में एक हाई-टेक सिटी बस टर्मिनल बनाया जाएगा। यह टर्मिनल पीपीपी मॉडल पर बनेगा, जिस पर कुल 380 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें 105 करोड़ रुपये बस टर्मिनल और 275 करोड़ रुपये कमर्शियल एरिया पर खर्च किए जाएंगे। इस परिसर में मॉल, फूड कोर्ट और एसी वेटिंग रूम जैसी सुविधाएं होंगी। इसे पूरा होने में पांच साल लगेंगे, जबकि बस टर्मिनल तीन साल में तैयार हो जाएगा।
सिटी ट्रांसपोर्ट के एमडी विमल राजन ने बताया कि नई बसों के आने से शहर के अलग-अलग इलाकों के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। ये बसें 14 अलग-अलग रूटों पर चलेंगी, जिनमें चारबाग-बख्शी का तालाब, स्कूटर इंडिया-इंजीनियरिंग कॉलेज, राजाजीपुरम, अहिमामऊ, गोमतीनगर विराज खंड और बीबीडी जैसे इलाके शामिल हैं। इन बसों से रोजाना करीब 25,000 से 30,000 यात्रियों को फायदा होगा।
| बस का प्रकार | संख्या |
|---|---|
| नौ-मीटर बसें | 100 |
| मानक 12-मीटर बसें | 50 |
| बड़ी बसें | 150 |
सरकार की मंजूरी के बाद अब टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें करीब तीन महीने लग सकते हैं। जिस कंपनी को ठेका मिलेगा, उसे ही बसों के चार्जिंग स्टेशन और रखरखाव का बुनियादी ढांचा तैयार करना होगा।