UP : लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में सफर करना अब बहुत आसान होने वाला है। शहर की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए कई नई 4-लेन सड़कों और एक्सप्रेसवे पर काम चल रहा है। इससे न केवल लखनऊ के अंदर जाम कम होगा, बल्कि पूरे उत्तर प्रदे
UP : लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में सफर करना अब बहुत आसान होने वाला है। शहर की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए कई नई 4-लेन सड़कों और एक्सप्रेसवे पर काम चल रहा है। इससे न केवल लखनऊ के अंदर जाम कम होगा, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश से राजधानी पहुंचने का समय भी काफी घट जाएगा।
लखनऊ के अंदर कौन सी नई सड़कें बन रही हैं?
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) शहर के भीतर ट्रैफिक कम करने के लिए कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है। आईआईएम रोड से नैमिष नगर होते हुए रैथा रोड तक 2 किलोमीटर लंबी 4-लेन सड़क बनाई जाएगी, जिस पर करीब 53.97 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही, पिपराघाट से शहीद पथ के बीच बन रहे ग्रीन कॉरिडोर को अब सुलतानपुर रोड से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए आर्मी लैंड से मरी माता मंदिर तक 1800 मीटर लंबी सड़क 33 करोड़ की लागत से बनेगी। वहीं, हजरतगंज से वरुण विहार तक का सफर आसान करने के लिए 11 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी है, जिससे 50 मिनट का रास्ता घटकर 20 मिनट रह जाएगा।
बाहरी जिलों और शहरों से कनेक्टिविटी में क्या बदलाव आएंगे?
राजधानी को अन्य जिलों से जोड़ने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे मई 2026 तक शुरू हो सकता है, जिससे दोनों शहरों के बीच की दूरी महज 35 से 40 मिनट में पूरी होगी। इसके अलावा, चिनहट से बाराबंकी, सीतापुर और बहराइच तक 69 किलोमीटर लंबी 4-लेन सड़क (NH-727) बनाई जा रही है। बाराबंकी से बहराइच के बीच 101 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग-927 का निर्माण भी होगा, जिससे नेपाल सीमा तक पहुंचना आसान हो जाएगा। नोएडा से लखनऊ के बीच एक हाईटेक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे भी बन रहा है, जो 2026 तक पूरा होने पर 8-9 घंटे का सफर घटाकर 3-4 घंटे कर देगा।
प्रमुख प्रोजेक्ट्स और उनकी लागत की लिस्ट
| प्रोजेक्ट का नाम |
लंबाई/दूरी |
अनुमानित लागत |
असर/फायदा |
| आईआईएम रोड से रैथा |
2 किमी |
₹53.97 करोड़ |
जाम से राहत |
| ग्रीन कॉरिडोर (सुलतानपुर रोड) |
1.8 किमी |
₹33 करोड़ |
10 लाख लोगों को लाभ |
| वरुण विहार एलिवेटेड रोड |
11 किमी |
₹220-270 करोड़ |
सफर 50 से 20 मिनट होगा |
| लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे |
63 किमी |
₹4000 करोड़ |
सफर 35-40 मिनट में |
| चिनहट-बहराइच (NH-727) |
69 किमी |
₹468.48 करोड़ |
तीन जिलों की बेहतर कनेक्टिविटी |
| बाराबंकी-बहराइच (NH-927) |
101 किमी |
₹6969.04 करोड़ |
नेपाल सीमा तक आसान पहुंच |
| नोएडा-लखनऊ एक्सप्रेसवे |
– |
₹45,000 करोड़ |
सफर 3-4 घंटे में |
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कब तक शुरू होगा और इससे क्या फायदा होगा?
यह एक्सप्रेसवे मई 2026 तक शुरू होने की संभावना है। इसके चालू होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच की यात्रा का समय घटकर केवल 35 से 40 मिनट रह जाएगा।
वरुण विहार एलिवेटेड रोड से यात्रा के समय में कितनी कमी आएगी?
हजरतगंज से वरुण विहार तक जाने वाला मौजूदा सफर जो अभी 50 मिनट का है, वह इस 11 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड के बनने के बाद करीब 20 मिनट रह जाएगा।