Lucknow में नीट पेपर लीक को लेकर बवाल, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल
Lucknow: नीट पेपर लीक मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को लखनऊ के शहीद स्मारक पर छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को ले
Lucknow: नीट पेपर लीक मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को लखनऊ के शहीद स्मारक पर छात्र संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सांकेतिक भूख हड़ताल की गई।
इस प्रदर्शन में भाकपा (माले), आइसा और इंकलाबी नौजवान सभा (इनौस) के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में भारी गड़बड़ी हुई है, जिसकी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री की है। लखनऊ में यह विरोध प्रदर्शन जून महीने से ही चल रहा है, जिसमें एनएसयूआई और कॉकरोच जनता पार्टी जैसे संगठन भी शामिल रहे। पिछले कुछ दिनों में छात्रों और पुलिस के बीच झड़पें भी हुई हैं और कई लोगों को हिरासत में लिया गया है।
यह मामला सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में फैल चुका है। कांग्रेस पार्टी ने 30 जून 2026 से ‘छात्रों की गूंज’ नाम से एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत परीक्षा प्रणाली में बदलाव और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है, जिसका समापन 9 अगस्त को दिल्ली चलो मार्च के साथ होगा। वहीं, जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं।
सरकारी स्तर पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 12 मई 2026 को नीट परीक्षा रद्द कर दी थी और 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई गई। सीबीआई इस पूरे मामले की जांच कर रही है और अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। दूसरी तरफ, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विरोध कर रहे कुछ छात्रों को परेशान करने वाला बताया है।